गांधी जयंती पर CM योगी का संदेश: बापू का चरखा और ODOP 'लोकल को ग्लोबल' बनाने का माध्यम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बापू का चरखा केवल सूत कातने का यंत्र नहीं, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का मूल प्रतीक था। उन्होंने उत्तर प्रदेश की 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना को उसी स्वदेशी भावना का आधुनिक विस्तार बताते हुए कहा कि यह 'लोकल को ग्लोबल' बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
गांधी जयंती पर मुख्य संदेश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बापू के प्रिय भजनों का श्रवण किया और स्वयं चरखा चलाकर स्वदेशी तथा स्वावलंबन के संदेश को प्रतीकात्मक रूप दिया। योगी ने कहा, 'स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए उतने ही मार्गदर्शक हैं।'
उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि गांधी आश्रम के वस्त्रों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि वे केवल कपड़े नहीं, बल्कि भारत की आज़ादी के मंत्र के प्रतीक थे।
ODOP और स्वदेशी का जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने ODOP योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल से ग्लोबल' और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि यह योजना स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का काम यही योजना कर रही है।
योगी ने यह भी कहा कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी जब प्रत्येक नागरिक, परिवार और गाँव स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े।
गांधी जी की जीवन यात्रा और स्वाधीनता आंदोलन
सीएम ने गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध छेड़े गए संघर्ष ने उन्हें भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा कि जब स्वाधीनता आंदोलन बापू के नेतृत्व में आया, तो उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उसे एक व्यापक जन आंदोलन में परिवर्तित कर दिया, जो गाँव-गाँव तक पहुँचा।
ग्राम स्वराज और ग्राम सचिवालय
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि सरकार ने हर गाँव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से तकनीक के उपयोग से नागरिकों को गाँव में ही सुविधाएँ मिल रही हैं और प्रत्येक ग्राम सचिवालय में 4 से 7 लोगों को रोज़गार उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि देश में 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए हैं, जो बापू के स्वच्छता के संदेश को साकार करने का ठोस प्रमाण है।
लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि
सीएम योगी ने लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर उन्हें भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का 'जय जवान-जय किसान' का उद्घोष केवल एक नारा नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ने वाला संकल्प था। वर्ष 1965 में दिया गया यह मंत्र भारत की आत्मनिर्भरता का मज़बूत आधार बना।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय भारत को गेहूं के लिए भी विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज देश न केवल खाद्यान्न में आत्मनिर्भर है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को खाद्यान्न आपूर्ति भी कर रहा है। इस नींव का श्रेय उन्होंने शास्त्री जी को दिया।