2 अक्टूबर 2026
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गांधी जयंती पर योगी का ऐलान: उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 25% छूट, 30 जनवरी 2027 तक

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गांधी जयंती पर योगी का ऐलान: उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 25% छूट, 30 जनवरी 2027 तक

सारांश

गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25% छूट की घोषणा की — बुनकरों और कारीगरों को बाज़ार देने की कोशिश, और बापू के स्वदेशी मंत्र को आधुनिक संदर्भ में जोड़ने का प्रयास।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती पर उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 25% छूट की घोषणा की।
यह छूट 30 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी की 122वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी ने खादी को कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के सम्मान का माध्यम बताया।
शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' नारे को स्वाधीन भारत का मंत्र बताते हुए कहा कि आज भारत 140 करोड़ नागरिकों के साथ-साथ कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जो 30 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खादी को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी भावना का प्रतीक है।

कार्यक्रम और श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को स्मरण किया। तत्पश्चात लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और दोनों स्थानों पर पत्रकारों से भी संवाद किया।

बापू के विचारों की प्रासंगिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में अन्याय, शोषण और रंगभेद के विरुद्ध आवाज़ उठाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण दिशा देकर जन आंदोलन में बदल दिया, जिससे ब्रिटिश हुकूमत को अंततः भारत छोड़ने पर विवश होना पड़ा।

योगी ने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है और बापू का 'स्वदेशी से स्वावलंबन' का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'लोकल टू ग्लोबल' का आह्वान इसी सोच को आगे ले जा रहा है।

कारीगरों और बुनकरों को बाज़ार देने की पहल

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खादी को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान देना है। स्थानीय उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध कराकर इन वर्गों की आजीविका को मज़बूती दी जा सकती है। यह छूट उपभोक्ताओं को स्वदेशी वस्त्र चुनने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

स्वच्छता, ग्राम स्वराज और नारी सम्मान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत देशभर में निर्मित करोड़ों शौचालय न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि नारी सम्मान के आधार के रूप में भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं। ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को गाँव में ही जन सुविधाएँ और रोज़गार के अवसर मिल रहे हैं।

शास्त्री जी को श्रद्धांजलि: 'जय जवान, जय किसान' का संदेश

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया। योगी ने शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' नारे को स्वाधीन भारत का मंत्र बताया और कहा कि जहाँ एक ओर जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे, वहीं किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। उन्होंने जोड़ा कि आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की ज़रूरतें पूरी करने के साथ-साथ कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति भी कर रहा है।

इस घोषणा के साथ राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में खादी की बिक्री और माँग में उल्लेखनीय वृद्धि हो, जिसका सीधा लाभ बुनकरों और कारीगरों तक पहुँचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या छूट की अवधि समाप्त होने के बाद भी बुनकरों और कारीगरों को स्थायी बाज़ार मिल पाता है। गौरतलब है कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग के आँकड़े हर साल गांधी जयंती पर बिक्री में उछाल दिखाते हैं, लेकिन वर्षभर की माँग उतनी स्थिर नहीं रहती। स्वदेशी का नारा और 'लोकल टू ग्लोबल' की अपील तभी सार्थक होगी, जब सरकारी खरीद और निर्यात नीतियाँ इन कारीगरों को नियमित आय सुनिश्चित करें। अन्यथा यह छूट एक मौसमी राहत बनकर रह जाएगी, जो प्रतीकवाद से आगे नहीं जाती।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर कितनी छूट मिलेगी और कब तक?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जो 30 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। यह घोषणा 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर की गई।
CM योगी ने गांधी जयंती पर कहाँ कार्यक्रमों में भाग लिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।
खादी छूट से किसे फायदा होगा?
यह छूट उपभोक्ताओं को खादी वस्त्र किफायती दाम पर खरीदने का अवसर देती है। साथ ही कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों की बिक्री बढ़ने से उनकी आजीविका को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
लाल बहादुर शास्त्री के बारे में CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी को सरल, सहज, दृढ़ और संघर्षशील नेता बताया। उन्होंने 'जय जवान, जय किसान' नारे को स्वाधीन भारत का मंत्र कहा और कहा कि शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया।
गांधी जयंती पर खादी को प्रोत्साहन देने का क्या उद्देश्य है?
मुख्यमंत्री के अनुसार खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का प्रतीक है। इसे अपनाकर बुनकरों और कारीगरों को सम्मान मिलता है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होती है। बापू के स्वदेशी से स्वावलंबन के मंत्र को विकसित भारत की आधारशिला बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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