खादी भारत की आत्मा का प्रतीक: केरल मंत्री के. मुरलीधरन, ओणम मेले में 30% छूट का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 23 जुलाई 2026 को तिरुवनंतपुरम में कहा कि खादी महज एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ी भारत की आत्मा और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने यह बात 23 जुलाई से 25 अगस्त तक चलने वाले ओणम खादी मेले के अवसर पर कही, जिसमें खादी उत्पादों पर 30 प्रतिशत तक की सरकारी छूट दी जाएगी।
गांधी से लेकर आज तक: खादी की राष्ट्रीय भूमिका
मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वदेशी आंदोलन के माध्यम से खादी को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनाया। उनके अनुसार, विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर खादी ने देशभर के नागरिकों को स्वाधीनता की लड़ाई में एकजुट करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
मुरलीधरन ने कहा, 'खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं है। यह देश की आत्मा और उन लाखों लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है जिन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था।'
खादी क्षेत्र का विस्तार: जूते से लेकर ग्रामीण उद्योग तक
मंत्री ने बताया कि आज खादी क्षेत्र पारंपरिक हाथ से काते गए कपड़ों की सीमा से बहुत आगे निकल चुका है। अब इसमें जूते-चप्पल, ग्रामीण उद्योग के उत्पाद और विभिन्न प्रकार के वैल्यू-एडेड सामान भी तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस क्षेत्र में कार्यरत अधिकांश कारीगर महिलाएँ हैं, जिससे खादी ग्रामीण आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्तंभ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देने वाला उद्योग बन गया है।
केरल सरकार की नीति और समर्थन
मुरलीधरन ने दावा किया कि केरल देश का वह राज्य है जो खादी क्षेत्र को सर्वाधिक संस्थागत समर्थन प्रदान करता है। राज्य सरकार इस पारंपरिक उद्योग को जीवित रखने के लिए मजदूरों को आय सहायता सहित अनेक प्रकार की सहायता देती आ रही है।
उन्होंने सरकारी विभागों और संस्थानों में जहाँ भी संभव हो, खादी उत्पादों को प्राथमिकता देने की राज्य सरकार की नीति को भी दोहराया। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सस्ते आयातित कपड़ों से खादी उद्योग को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
ओणम खादी मेला: छूट और क्रेडिट सुविधा
तिरुवनंतपुरम में 23 जुलाई से 25 अगस्त तक आयोजित ओणम खादी मेले में खरीदारों को खादी उत्पादों पर 30 प्रतिशत तक की सरकारी छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सरकारी, अर्ध-सरकारी और बैंक कर्मचारी खरीदारी के लिए ₹1 लाख तक की क्रेडिट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
मंत्री के अनुसार, सस्ते आयातित वस्त्रों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद खादी उत्पादों ने अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के बल पर विदेशी बाजारों में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आगे भी राज्य सरकार खादी को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगी।