7 अगस्त 2026
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राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर हेमंत खण्डेलवाल ने खरीदी खादी, बोले — यह स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

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राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर हेमंत खण्डेलवाल ने खरीदी खादी, बोले — यह स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

सारांश

राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर भाजपा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने भोपाल में खादी खरीदकर स्वदेशी का संदेश दिया। देश में 45 लाख बुनकरों — जिनमें 70% महिलाएँ — की आजीविका से जुड़े इस क्षेत्र को 'वोकल फॉर लोकल' की धारा में नई ऊर्जा देने की अपील की गई।

मुख्य बातें

हेमंत खण्डेलवाल ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर भोपाल के खादी ग्रामोद्योग भवन से राष्ट्रीय ध्वज एवं खादी वस्त्र खरीदे।
देश में लगभग 45 लाख बुनकर हैंडलूम उद्योग से जुड़े हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएँ हैं।
7 अगस्त 1905 को कोलकाता से शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
मध्यप्रदेश की चंदेरी, महेश्वरी, नंदना प्रिंट और बाग प्रिंट परंपराओं को सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया गया।
खण्डेलवाल ने PM नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के अवसर पर भोपाल के जवाहर चौक स्थित सरस्वती नगर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुँचकर राष्ट्रीय ध्वज एवं खादी वस्त्र खरीदे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खादी केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता संग्राम की आत्मा और आत्मनिर्भर भारत का सशक्त प्रतीक है।

स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत

खण्डेलवाल ने याद दिलाया कि 7 अगस्त 1905 को कोलकाता से स्वदेशी आंदोलन का शंखनाद हुआ था। उसी ऐतिहासिक तिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष देशभर में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को स्वदेशी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया था, और आज भी यह विरासत उतनी ही प्रासंगिक है।

मध्यप्रदेश की हस्तकरघा परंपराएँ

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मध्यप्रदेश की समृद्ध बुनाई परंपराओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चंदेरी, महेश्वरी, नंदना प्रिंट और बाग प्रिंट जैसी हस्तकरघा शैलियाँ प्रदेश के बुनकरों की अद्भुत प्रतिभा, परिश्रम और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत पहचान हैं। ये परंपराएँ न केवल भारतीय संस्कृति की संवाहक हैं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं।

हैंडलूम उद्योग और रोज़गार के आँकड़े

खण्डेलवाल ने बताया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 लाख बुनकर हैंडलूम उद्योग से जुड़े हुए हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएँ हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि कृषि के बाद हैंडलूम एवं बुनकर उद्योग देश में रोज़गार का सबसे बड़ा आधार है। यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य करता है।

वोकल फॉर लोकल की अपील

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक हैंडलूम और खादी वस्त्रों का उपयोग करें, ताकि स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को रोज़गार एवं आर्थिक मज़बूती मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और स्वदेशी को बढ़ावा देने के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। यह अवसर भारतीय बुनकरों के सम्मान और उनकी आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें 70% महिलाएँ हैं। हैंडलूम क्षेत्र दशकों से पावरलूम और सस्ते आयातित कपड़े से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहा है। जब तक सरकारी खरीद नीतियाँ, GI टैग का व्यावसायिक उपयोग और बुनकरों की सीधी बाज़ार पहुँच नहीं बढ़ती, तब तक यह दिवस एक औपचारिकता से अधिक नहीं बन पाएगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस 7 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है?
7 अगस्त 1905 को कोलकाता से स्वदेशी आंदोलन का शंखनाद हुआ था। उसी ऐतिहासिक तिथि की स्मृति में प्रतिवर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जाता है, जो भारतीय बुनकरों और हस्तकरघा परंपराओं को सम्मान देने का अवसर है।
हेमंत खण्डेलवाल ने हैंडलूम दिवस पर क्या किया?
भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने 7 अगस्त 2026 को भोपाल के जवाहर चौक स्थित सरस्वती नगर खादी ग्रामोद्योग भवन पहुँचकर राष्ट्रीय ध्वज एवं खादी वस्त्र खरीदे। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अधिक से अधिक खादी और हैंडलूम वस्त्र अपनाने की अपील की।
भारत में हैंडलूम उद्योग से कितने लोग जुड़े हैं?
देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 लाख बुनकर हैंडलूम उद्योग से जुड़े हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएँ हैं। कृषि के बाद यह देश में रोज़गार का दूसरा सबसे बड़ा आधार माना जाता है।
मध्यप्रदेश की प्रमुख हस्तकरघा परंपराएँ कौन-सी हैं?
मध्यप्रदेश में चंदेरी, महेश्वरी, नंदना प्रिंट और बाग प्रिंट प्रमुख हस्तकरघा परंपराएँ हैं। ये शैलियाँ यहाँ के बुनकरों की सांस्कृतिक विरासत और दक्षता की पहचान हैं तथा लाखों परिवारों की आजीविका का आधार हैं।
'वोकल फॉर लोकल' और खादी का क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों — विशेषकर खादी और हैंडलूम — को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया जाता है। खण्डेलवाल ने कहा कि इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना नागरिकों का दायित्व है, क्योंकि इससे सीधे बुनकरों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होती है।
राष्ट्र प्रेस
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