7 अगस्त 2026
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने खादी खरीदकर दिया 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने खादी खरीदकर दिया 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश

सारांश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने हैंडलूम हाउस से खादी खरीदकर 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश दिया। उनका कहना है कि हर घर की छोटी खरीदारी लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका बदल सकती है।

मुख्य बातें

जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर नई दिल्ली के हैंडलूम हाउस का दौरा किया।
उन्होंने अपने और परिवार के लिए खादी वस्त्र व ग्रामोद्योग उत्पाद खरीदे।
सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि हर घर की खादी खरीदारी लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका से सीधे जुड़ी है।
भारतीय हथकरघा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बढ़ती पहचान मिल रही है।

जयपुर की सांसद मंजू शर्मा ने 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के खड़क सिंह मार्ग स्थित हैंडलूम हाउस का दौरा किया और खादी तथा हथकरघा उत्पाद खरीदकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस दौरे में उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के लिए खादी के वस्त्र सहित ग्रामोद्योग क्षेत्र के कई उत्पाद खरीदे।

हथकरघा परंपरा को सांसद का समर्थन

सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि भारत की हथकरघा परंपरा महज कपड़ों की कारीगरी नहीं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और लाखों कारीगरों के समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'खादी का हर धागा स्वदेशी की भावना, आत्म-सम्मान और आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाता है।'

उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को हथकरघा और खादी उत्पाद खरीदने की कोशिश करनी चाहिए। यह अपील केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है — यह देश भर के लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका, सम्मान और आर्थिक भलाई से सीधे जुड़ी है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

शर्मा ने कहा कि यदि हर घर साल में कुछ अवसरों पर भी खादी और हथकरघा उत्पादों को अपनाता है, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और भारत के पारंपरिक उद्योगों को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि हथकरघा क्षेत्र भारत में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोज़गार प्रदाता माना जाता है, और लाखों बुनकर परिवार इस पर निर्भर हैं।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और गुणवत्ता

भारतीय हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों में मिल रही पहचान का उल्लेख करते हुए सांसद शर्मा ने कहा कि इनकी बेहतरीन गुणवत्ता, प्राकृतिक कपड़े और पारंपरिक कारीगरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक अलग पहचान दिलाई है। यह ऐसे समय में आया है जब 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की वैश्विक माँग बढ़ रही है।

नागरिकों से अपील

सांसद ने हर भारतीय से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को देशव्यापी आंदोलन बनाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से त्योहारों, पारिवारिक समारोहों और दैनिक जीवन में खादी व हथकरघा उत्पादों को शामिल करने का आग्रह किया।

शर्मा ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी सच हो सकता है, जब हर नागरिक सोच-समझकर खरीदारी करके देश के बुनकरों, कारीगरों और स्थानीय उद्योगों को मजबूत बनाए।' उनकी यह पहल आने वाले त्योहारी सीज़न से पहले खादी उत्पादों की माँग बढ़ाने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे प्रतीकात्मक कदम हथकरघा क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियों — जैसे कि पावरलूम से प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की बढ़ती लागत और बुनकरों की घटती आय — का समाधान कर पाते हैं। 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को वर्षों हो गए हैं, फिर भी हथकरघा क्षेत्र में रोज़गार और निर्यात के आँकड़े मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। नीति-निर्माताओं की खरीदारी तब अर्थपूर्ण बनती है जब वह सरकारी खरीद नीतियों, बुनकर कल्याण योजनाओं और बाज़ार पहुँच में ठोस सुधारों के साथ हो।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल 7 अगस्त को मनाया जाता है। यह तिथि 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद में चुनी गई है, जिसने भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सांसद मंजू शर्मा ने हथकरघा दिवस पर क्या किया?
जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के खड़क सिंह मार्ग स्थित हैंडलूम हाउस का दौरा कर खादी वस्त्र और ग्रामोद्योग उत्पाद खरीदे। उन्होंने नागरिकों से भी खादी और हथकरघा उत्पादों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की।
'वोकल फॉर लोकल' अभियान का हथकरघा क्षेत्र से क्या संबंध है?
'वोकल फॉर लोकल' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया अभियान है जो स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करता है। हथकरघा और खादी उत्पाद इस अभियान के केंद्र में हैं क्योंकि ये लाखों ग्रामीण बुनकरों की आजीविका से जुड़े हैं।
खादी और हथकरघा उत्पाद खरीदने से बुनकरों को कैसे फायदा होता है?
खादी और हथकरघा उत्पादों की खरीद सीधे ग्रामीण बुनकर परिवारों की आय से जुड़ी है। सांसद शर्मा के अनुसार, यदि हर घर साल में कुछ अवसरों पर इन उत्पादों को अपनाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा और पारंपरिक उद्योग मजबूत होंगे।
भारतीय हथकरघा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्थिति क्या है?
सांसद शर्मा के अनुसार, भारतीय हथकरघा उत्पादों को उनकी बेहतरीन गुणवत्ता, प्राकृतिक कपड़े और पारंपरिक कारीगरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अलग पहचान मिल रही है। 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की वैश्विक माँग बढ़ने के साथ यह क्षेत्र निर्यात की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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