राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सीएम भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के गरवी गुर्जरी स्टोर से खरीदे हैंडलूम उत्पाद
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 7 अगस्त 2026 को गांधीनगर स्थित राज्य सरकार के उपक्रम गरवी गुर्जरी स्टोर पर पहुँचकर हथकरघा उत्पादों की खरीदारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' अपील के अनुरूप यह कदम हैंडलूम बुनकरों और ग्रामीण कारीगरों के समर्थन का प्रतीक बना।
मुख्यमंत्री की गरवी गुर्जरी यात्रा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गरवी गुर्जरी के कर्मचारियों से संवाद किया और स्टोर में प्रदर्शित विभिन्न हैंडलूम उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव एमके दास तथा गुजरात राज्य हथकरघा और हस्तकला निगम की प्रबंध निदेशक एवं सचिव आर्द्रा अग्रवाल भी उपस्थित रहीं।
सीएम का एक्स पर संदेश
स्टोर विज़िट से पूर्व मुख्यमंत्री पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अद्भुत कला-कौशल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ — राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपनाएं और स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को खरीदने का संकल्प लें। आइए, हथकरघा क्षेत्र के कारीगरों और बुनकरों की आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी योगदान दें।'
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 से प्रतिवर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की परंपरा शुरू की, जो 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में और ग्रामीण बुनकरों को सम्मान देने के उद्देश्य से स्थापित की गई। इस वर्ष प्रधानमंत्री ने देशवासियों से हैंडलूम उत्पाद खरीदकर ग्रामीण गरीबों की आय बढ़ाने और देश की हथकरघा विरासत को संरक्षित करने की अपील की।
वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री का लक्ष्य हैंडलूम उत्पादों को 'वोकल फॉर लोकल' मंत्र के ज़रिए वैश्विक बाज़ार उपलब्ध कराना है, जिससे छोटे ग्रामीण कारीगरों और परिवारों को आर्थिक समृद्धि मिल सके। गरवी गुर्जरी जैसे राज्य उपक्रम इस दिशा में गुजरात के बुनकरों के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर हथकरघा क्षेत्र को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर ज़ोर दे रही हैं।