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क्या मध्य प्रदेश में स्वदेशी अपनाने से आत्मनिर्भर भारत बनेगा? - हेमंत खंडेलवाल

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क्या मध्य प्रदेश में स्वदेशी अपनाने से आत्मनिर्भर भारत बनेगा? - हेमंत खंडेलवाल

सारांश

हेमंत खंडेलवाल ने मुलताई में स्वदेशी अपनाने की अपील की। क्या इससे भारत वास्तव में आत्मनिर्भर बन सकता है? जानिए उनके विचार और आगे की रणनीति।

मुख्य बातें

स्वदेशी अपनाना केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक संस्कार है।
भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।
स्वदेशी उत्पादों की खरीददारी से आर्थित स्थिति मजबूत होती है।
देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हमें स्वदेशी का समर्थन करना चाहिए।
छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

बैतूल, 16 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई स्वदेशी को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रही है। इसी क्रम में बैतूल जिले के मुलताई में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जनता से स्वदेशी अपनाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को जिले के मुलताई में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत विधानसभा सम्मेलन में दीपावली पर्व पर स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि अपने दैनिक जीवन में भी उन वस्तुओं का प्रयोग करें, जो स्वदेशी हों।

केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित स्पर्श मेले का शुभारंभ हुआ।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी केवल नारा नहीं, बल्कि अपनाने योग्य संस्कार है। ऐसा नेतृत्व गर्व का विषय है, जो शब्दों से नहीं, कर्मों से प्रेरणा देता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी के अभियान को घर-घर तक पहुंचाना है। अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी को बढ़ावा देना है। हम जब भारत में बना सामान खरीदेंगे, तभी निर्यात कम होगा और भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि आप जब सामान खरीदने जाएं तो एक बार जरूर विचार करें कि जो सामान आप खरीदकर अपने घर ले जा रहे हैं, क्या उसे बनाने में किसी भारतीय का पसीना बहा है या नहीं। अगर आप रेहड़ी-पटरी वाले, लघु और कुटीर उद्योगों में बनने वाले स्वदेशी सामानों को खरीदेंगे तो निश्चित रूप से भारत बहुत जल्दी ही आत्मनिर्भर बन जाएगा।

हेमंत खंडेलवाल ने पीएम मोदी के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि हम जो भी खरीदें वह पूर्णतः स्वदेशी होना चाहिए। ऐसी वस्तुएं खरीदें, जिनमें हमारे मजदूरों का पसीना हो और भारत की मिट्टी की महक हो। अगर हम इस मंत्र को अपने जीवन में उतार लेते हैं तो हमारे इस महत्वपूर्ण कदम से न सिर्फ बहुत जल्द हमारा भारत आर्थिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भी बनेगा।

उन्होंने उपस्थित नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान से जुड़कर स्वदेशी अपनाएं और अपने आसपास के छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे राष्ट्र की पहचान को भी मजबूत करेगा। भाजपा का यह अभियान न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह हमारे समाज को भी एकजुट करने का कार्य करेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से क्या लाभ है?
स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।
क्या स्वदेशी अपनाना केवल एक नारा है?
नहीं, स्वदेशी अपनाना एक संस्कार है जो हमें अपने देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करता है।
स्वदेशी से आत्मनिर्भरता कैसे बढ़ेगी?
जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं, तो इससे देश के निर्यात में कमी आती है और हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
क्या हम सभी स्वदेशी उत्पाद खरीद सकते हैं?
हाँ, हमें अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत का क्या उद्देश्य है?
आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।
राष्ट्र प्रेस
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