क्या वाराणसी में सीएम योगी का पहला 'जनता दरबार' लोगों की समस्याओं का समाधान करेगा?

सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी का पहला 'जनता दरबार' वाराणसी में हुआ है।
- लोगों की शिकायतें सुनने और उनके समाधान का प्रयास किया गया।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण किया गया।
- अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा जा रहा है।
वाराणसी, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 'जनता दरबार' का आयोजन किया है। यह महत्वपूर्ण है कि मुख्यमंत्री योगी ने पहले केवल लखनऊ और गोरखपुर में 'जनता दरबार' आयोजित किया था, लेकिन यह उनका पहला अवसर है जब उन्होंने वाराणसी में यह कार्यक्रम किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में लोगों से संवाद करते हुए उनकी शिकायतें सुनीं। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के साथ सफल रहा। सीएम योगी ने शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया, "सेवा, सुरक्षा और लोक-कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में आयोजित 'जनता दर्शन' में आए लोगों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।"
सीएम योगी वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। पहले दिन उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार इस आपदा के समय में उनके साथ है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत कार्य समय पर पूरे किए जाएं। बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी ने आगामी दिनों में वाराणसी दौरे पर आने वाले मॉरीशस के प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों का भी जायजा लिया और काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया।