सीएम योगी ने ‘आनंद मठ’ की नाट्य प्रस्तुति का अवलोकन किया, कलाविदों का किया सम्मान
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी का उद्घाटन: भारतेंदु नाट्य अकादमी के जीर्णोद्धार का उद्घाटन किया गया।
- नाट्य प्रस्तुति: 'आनंद मठ' की नाट्य प्रस्तुति का अवलोकन किया गया।
- कलाविदों का सम्मान: कई प्रमुख कलाविदों को सम्मानित किया गया।
- रंगवेद का विमोचन: 'रंगवेद' पत्रिका का विमोचन किया गया।
- स्वर्ण जयंती समारोह: अकादमी की 50वीं वर्षगांठ का आयोजन किया गया।
लखनऊ, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन और दो प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने यहां उपस्थित कलाविदों और पूर्व छात्रों को सम्मानित किया, रंगवेद पत्रिका का विमोचन किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित उपन्यास आनंदमठ की नाट्य प्रस्तुति भी देखी। इस अवसर पर भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट किया। मंच पर पहुंची एक बच्ची ने पैर छूकर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद लिया, जिसे सीएम ने प्रोत्साहित करते हुए चॉकलेट दी।
इसके अतिरिक्त, सीएम योगी ने कई कलाविदों और पूर्व छात्रों को सम्मान दिया, जिनमें शामिल हैं किरण बिसारिया (लखीमपुर खीरी), पद्मश्री रामगोपाल बजा (नई दिल्ली), पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी (लखनऊ), प्रो. अजय मलकानी (रांची), रविशंकर खरे (गोरखपुर), चित्रा मोहन (प्रयागराज), मंजू ब्रजनंदन शर्मा (सहारनपुर), मुनीश सप्पल (मुंबई), डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी (प्रयागराज), डॉ. अजीत सैगल (वाराणसी), राकेश निगम (लखनऊ), प्रमोद सिंह राणा (आगरा), आलोक पांडेय (शाहजहांपुर), कुशल दुबे (जौनपुर), और राकेश पांडेय (भदोही)।
इसके अलावा, सीएम योगी ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जब भावनाएं शब्द बनती हैं, शब्द अभिनय में बदलते हैं, और अभिनय जब जन-चेतना बनकर समाज को नई दिशा देता है, तब यही असली रंगमंच है।" उन्होंने कहा कि आज आयोजित 'स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह' में भाग लिया, जो अकादमी की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था।
उन्होंने आगे लिखा, "इस अवसर पर, संपूर्ण भवन और दो प्रेक्षागृहों का 22 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही, अकादमी के पूर्व विद्यार्थियों, प्रमुख रंगकर्मियों और कलाविदों को सम्मानित किया गया और 'रंगवेद' पत्रिका का विमोचन भी किया गया। भारतेंदु नाट्य अकादमी की 50 वर्षों की यह स्वर्णिम यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे।"