क्या सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
- माघ मेला 3 जनवरी से शुरू हुआ है।
- मुख्य स्नान तिथियां घोषित की गई हैं।
- सुविधाओं के लिए मेला सेवा ऐप लॉन्च किया गया है।
प्रयागराज, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सभी प्रमुख स्नान सफलतापूर्वक संपन्न होंगे। शनिवार को प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की सजगता, तकनीकी के उपयोग और सभी विभागों के आपसी सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें खुशी है कि माघ मास में पावन त्रिवेणी के दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष इसी समय महाकुंभ की तैयारियों का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा था और 10 जनवरी को भी उसी विषय में वह प्रयागराज में थे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष का माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा, इसलिए सभी उत्सवों के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष माघ मेला में पौष पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, लेकिन 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान किया। भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने सकुशल स्नान कर आशीर्वाद लिया। कल्पवासी एक माह के कल्पवास के लिए साधना में लीन हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भगवान रामानंदाचार्य जी की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। प्रयागराज अनेक ऋषि-मुनियों की पावन धरा है, जहां महर्षि भारद्वाज व याज्ञवल्क्य सहित अनेक सिद्ध संतों का सानिध्य रहा है। दारागंज जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, फिर माघ पूर्णिमा, और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान होंगे। पूरे आयोजन के लिए सभी विभागों ने व्यापक तैयारियां की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के लिए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है और भीषण शीतलहर से बचाव के उपाय किए गए हैं। मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम लागू किया गया है। साथ ही, मेला सेवा ऐप का शुभारंभ किया गया है, जिससे संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं और समाधान त्वरित रूप से मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि जैसे पौष पूर्णिमा का स्नान संवाद और सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, वैसे ही आगे के सभी पांच स्नान भी पूरी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सुरक्षित रूप से संपन्न होंगे। प्रशासन पूरी तत्परता के साथ इस दिशा में कार्य कर रहा है और सभी के सहयोग से माघ मेला सफल होगा।