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सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को साइबर ठगों से कैसे किया सावधान?

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सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को साइबर ठगों से कैसे किया सावधान?

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' में साइबर अपराधों के प्रति जनता को सचेत किया। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जानिए सीएम का संदेश और कैसे करें साइबर ठगों से बचाव।

मुख्य बातें

साइबर ठगों के खिलाफ जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है।
साइबर हेल्प डेस्क का उपयोग करें।
व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत रिपोर्ट करें।
सीएम योगी की सलाह को अपनाएं।

लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों के लिए एक पत्र 'योगी की पाती' लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने साइबर अपराध से संबंधित चुनौतियों के प्रति लोगों को सचेत किया है। सीएम योगी ने जानकारी दी कि इसे रोकने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

पत्र में उन्होंने लिखा, "मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आपकी सरकार इस समस्या के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।"

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे, जबकि अब 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने सक्रिय हैं। सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। साइबर ठगों के खिलाफ जागरूकता और सतर्कता ही सबसे प्रभावशाली उपाय हैं। ये अपराधी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे भ्रामक शब्दों का प्रयोग कर निर्दोष नागरिकों को डराते हैं और उनसे पैसे मांगते हैं। किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।

सीएम योगी ने पत्र में कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी सावधान रहना आवश्यक है। जब आप अपनी तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन साझा करते हैं, तब अपराधी आपकी व्यक्तिगत जानकारी को इकट्ठा करते हैं और इसका उपयोग आपके खिलाफ करते हैं। अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। यदि फिर भी आपके साथ साइबर अपराध हो जाता है, तो सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें।

उन्होंने आगे कहा कि जितना जल्दी आप पुलिस को सूचित करेंगे, उतनी ही अधिक संभावना है कि आप बचाव कर सकें। जागरूक रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि वे सतर्क रह सकें। सरकार की पहल और लोगों की जागरूकता के साथ, हम एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण स्थापित कर सकते हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर ठगों से कैसे बचें?
साइबर ठगों से बचने के लिए व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, और हमेशा सतर्क रहें।
क्या 'डिजिटल अरेस्ट' सच है?
'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था कानून में नहीं है।
साइबर अपराध होने पर क्या करें?
यदि साइबर अपराध होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें।
साइबर हेल्प डेस्क क्या है?
साइबर हेल्प डेस्क जनपदीय थानों में बनाई गई है, जो मदद के लिए उपलब्ध है।
कौन से कदम सरकार उठा रही है?
सरकार ने सभी जनपदों में साइबर क्राइम थाने और हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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