ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक समझौते की संभावना: विदेश मंत्री का बयान
सारांश
Key Takeaways
- ईरान अमेरिका के साथ एक न्यायसंगत समझौता चाहता है।
- ऐतिहासिक मौका दोनों देशों के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने का है।
- ईरान ने न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
- डिप्लोमेसी को प्राथमिकता देने पर समझौता संभव है।
- अमेरिका की सैन्य मौजूदगी वार्ता को प्रभावित कर सकती है।
तेहरान, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान जल्दी से जल्दी एक “न्यायसंगत और बराबरी वाला” समझौता अमेरिका के साथ करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास एक ऐतिहासिक मौका है, जिसके तहत वे ऐसा समझौता कर सकते हैं जैसा पहले कभी नहीं हुआ।
अराघची ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कही। यह बयान तेहरान और वॉशिंगटन के बीच होने वाली तीसरे दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता से पहले आया है। यह वार्ता गुरुवार को जिनेवा में होने वाली है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों देश पहले दो चरणों में बातचीत कर चुके हैं।
अराघची ने कहा, "पिछले राउंड में बनी समझ के आधार पर, ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करेगा, इस दृढ़ निश्चय के साथ कि वह कम से कम समय में एक सही और बराबरी की डील करेगा।"
उन्होंने कहा, "हमारे बुनियादी यकीन बिल्कुल स्पष्ट हैं: ईरान किसी भी हालत में कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा; न ही हम अपने लोगों के लिए शांतिपूर्ण न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के लाभों का उपयोग करने के अपने अधिकार को कभी नहीं छोड़ेंगे।"
अराघची ने कहा कि दोनों पक्षों के पास एक ऐसा "ऐतिहासिक मौका" है जिससे आपसी चिंताओं को दूर किया जा सके और साझा हितों को हासिल किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर डिप्लोमेसी को प्राथमिकता दी जाए तो डील हो सकती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच दो दौर की अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता हो चुकी है। इन वार्ताओं में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है।
मंगलवार को ही, ईरान के राजनीतिक मामलों के डिप्टी विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ न्यूक्लियर एग्रीमेंट करने के लिए "जो भी जरूरी होगा" करने को तैयार है। एनपीआर रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि हम समझौता करने के लिए पूरी ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ जिनेवा में बातचीत करने जाएंगे।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका भी इसी तरह सकारात्मक रुख अपनाएगा। उनका कहना है कि यदि सभी पक्षों में राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, तो समझौता जल्द किया जा सकता है।
इसी बीच, तेहरान में आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यान के साथ बैठक के दौरान ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरज़ादेह ने कहा कि उनका देश अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और खुद की रक्षा करने के अपने संकल्प पर कायम है।