क्या शुभांशु शुक्ला से मुलाकात पर सीएम योगी ने कहा, 'आप भारत के अंतरिक्ष स्वप्न और युवा पीढ़ी की प्रेरणा हैं'?

सारांश
Key Takeaways
- शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष में ऐतिहासिक मिशन पूरा किया।
- सीएम योगी ने उनके योगदान की सराहना की।
- युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने।
- अंतरिक्ष यात्रा चुनौतियों से भरी होती है।
- टीम वर्क की महत्ता को उजागर किया।
लखनऊ, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार के साथ मुलाकात की। इस अवसर पर सीएम योगी ने शुभांशु शुक्ला के साथ मुलाकात की एक तस्वीर साझा की और उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ऐतिहासिक 'एक्सिओम मिशन ४' को सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले भारत के गौरव, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का गृह जनपद लखनऊ आगमन पर स्वागत किया।"
उन्होंने आगे लिखा, "भारत की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास की प्रतीक आपकी असाधारण उपलब्धि नई पीढ़ी को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। आपके स्वर्णिम भविष्य और नवोन्मेषी अभियानों के लिए अनंत मंगलकामनाएं।"
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु शुक्ला से बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में शुभांशु शुक्ला ने सीएम योगी के साथ अंतरिक्ष में बिताए गए पलों और अनुभवों को साझा किया।
इसे लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में बिताए गए अविस्मरणीय अनुभवों को साझा किया। आप भारत के अंतरिक्ष स्वप्न और युवा पीढ़ी की प्रेरणा हैं। अभिनंदन।
अंतरिक्ष यात्रा से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को अपने गृह जनपद में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी यात्रा बहुत शानदार थी, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। उस दौरान शरीर को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अंतरिक्ष में बिताए गए समय के बारे में उन्होंने कहा कि यह काफी चुनौतीपूर्ण होता है। शुरू में काफी दिक्कत होती है, फिर आपका शरीर वहां के माहौल के अनुसार ढल जाता है।
उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यान से भारत को देखना एक भावुक पल होता है। अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव बहुत खास है। अंतरिक्ष से भारत बहुत सुंदर नजर आता है। उन्होंने कहा कि रोमांचकारी यात्रा पर जाने के पीछे अकेले वह नहीं हैं। इसमें पूरी टीम शामिल होती है, जो लगातार काम करती है। इतनी बड़ी सफलता में सभी का योगदान होता है।