क्या वायुसेना प्रमुख ने कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की?
सारांश
Key Takeaways
- कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की गई।
- वायुसेना प्रमुख ने एयरोस्पेस सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर चर्चा की।
- नेतृत्व में उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया गया।
- भविष्य की चुनौतियों के लिए वायुसेना को सक्षम बनाने पर बल दिया गया।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायुसेना के सेंट्रल एयर कमांड के कमांडर्स की एक महत्त्वपूर्ण ‘कमांडर्स कॉन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान, वायुसेना प्रमुख ने सेंट्रल एयर कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में विभिन्न रणनीतिक विषयों जैसे कि एयरोस्पेस सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और प्रशिक्षण पर विचार विमर्श किया गया।
उन्होंने कमांडरों से नेतृत्व में उदाहरण प्रस्तुत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और संयुक्तता को मजबूत करने का आग्रह किया। यह कदम इसलिए आवश्यक है ताकि भारतीय वायुसेना भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक सक्षम बन सके।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना एक निर्णायक, चुस्त और सशक्त शक्ति के रूप में देश की रक्षा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रहेगी।
वायुसेना के अनुसार, 19 और 20 जनवरी को सेंट्रल एयर कमांड (सीएसी) की यह महत्वपूर्ण कमांडर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की।
वायुसेना प्रमुख ने सेंट्रल एयर कमांड द्वारा ऑपरेशन सिंदूर, अन्य प्रमुख वायु अभ्यासों और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों में दिखाई गई प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने नागरिक प्रशासन को दिए गए सतत समर्थन के दौरान टीम सीएसी की उच्च स्तरीय व्यावसायिकता और प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
मुख्यालय सेंट्रल एयर कमांड और वायुसेना स्टेशन बमरौली के सभी सैन्य एवं असैनिक कर्मियों को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने ऑपरेशनल तत्परता, यथार्थवादी एवं कठोर प्रशिक्षण, एयरोस्पेस सुरक्षा, मजबूत भौतिक एवं साइबर सुरक्षा, आत्मानुशासन और स्वस्थ कार्य वातावरण को बढ़ावा देने पर बल दिया।
उन्होंने कार्य और जीवन के संतुलन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में वायुसेना प्रमुख के आगमन पर सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल बी. मणिकांतन ने उनका स्वागत किया। इसके बाद, वायुसेना प्रमुख ने सेंट्रल एयर कमांड युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया।