कांग्रेस का महिलाओं के आरक्षण के प्रति अडिग समर्थन: हुसैन दलवई
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस का महिलाओं के आरक्षण के प्रति वचनबद्धता।
- भाजपा पर महिला आरक्षण के खिलाफ होने का आरोप।
- महिला आरक्षण विधेयक का पारित न होना।
- महिलाओं की भागीदारी का महत्व।
- संघ के विचारों पर टिप्पणी।
मुंबई, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के विकास के पक्ष में रही है और आरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ है।
संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न होने पर सीएम फडणवीस ने विपक्ष की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की पिछड़ी सोच ने महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर को नष्ट कर दिया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में दलवई ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध रही है और इसमें कोई संदेह नहीं है। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। पार्टी ने पंचायतों, जिला परिषदों, नगरपालिकाओं और कॉरपोरेशनों में भी आरक्षण दिया है।
आरएसएस की कार्यशाला पर कटाक्ष करते हुए दलवई ने आरोप लगाया कि वहां हिंसा और झूठ बोलने की शिक्षा दी जाती है। कांग्रेस हमेशा महिलाओं को न्याय देने के लिए काम करती रही है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय महात्मा गांधी के साथ कई महिलाएं थीं, जिन्होंने जेल जाने और लाठियां खाने का साहस दिखाया।
दलवई ने यह भी कहा कि कुछ लोग स्वतंत्रता के समय ब्रिटिशों के साथ थे, जबकि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सम्मान प्रदान किया।
भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर और ब्रजभूषण शरण सिंह के मामलों में क्या कार्रवाई हुई है। लोग जानते हैं कि भाजपा महिलाओं के पक्ष में कितनी सच्ची है।
उन्होंने बिलकिस बानो मामले और मणिपुर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
दलवई ने सीएम फडणवीस से पूछा कि चुनावी क्षेत्रों में महिलाओं को 33 फीसदी टिकट क्यों नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि उनके मंत्रिमंडल में 33 फीसदी महिलाएं क्यों नहीं हैं? अगर महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की बात की जाती है, तो राजनीतिक दलों को इसे अपने संगठन और सरकार में भी लागू करना चाहिए।
कथावाचक बाबा बागेश्वर के बयानों पर उन्होंने कहा कि उनका असली उद्देश्य धर्म की आड़ में राजनीति करना है।
उन्होंने ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाजन के लिए मुसलमान जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि जिन्ना की राजनीति थी, जिससे मुसलमानों को ही नुकसान हुआ।
भाजपा शासित राज्यों में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न होने पर हुए विरोध प्रदर्शन पर दलवई ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं का सम्मान करती है और आरक्षण का कभी विरोध नहीं किया है। लेकिन भाजपा महिलाओं के आरक्षण से अधिक डिलिमिटेशन को अहमियत देती है, जिससे वह गुस्से में हैं। 2014 से अब तक उन्हें ऐसा तगड़ा जवाब नहीं मिला था।