क्या जनता को कांग्रेस और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बीच का अंतर समझ में आता है? : सरदार आरपी सिंह
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा के युवा नेतृत्व की प्रगति
- कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया की कमी
- पश्चिम बंगाल में चुनाव की चुनौती
- प्रधानमंत्री मोदी का घुसपैठ पर बयान
- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उम्र का अंतर
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता सरदार आरपी सिंह ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष 45 साल का युवा है, जबकि कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष 85 साल का है। हमारी पार्टी में अध्यक्ष के नेतृत्व में फैसले लिए जाते हैं, जबकि कांग्रेस की स्थिति यह है कि मल्लिकार्जुन खड़गे को हाईकमान से निर्णय लेने के लिए पूछना पड़ता है। जनता इन दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के बीच का अंतर बखूबी समझती है।
सरदार आरपी सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि नितिन नबीन ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पद ग्रहण किया है। उन्हें चुनाव प्रक्रिया के बाद चुना गया है, जो देश के लिए एक सकारात्मक संदेश है। हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 45 वर्ष के हैं, जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष 85 वर्ष के हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि पार्टी में सभी सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि वे हाईकमान से पूछकर ही निर्णय लेंगे। दोनों के बीच का अंतर देश को स्पष्ट रूप से समझ आता है।
उन्होंने कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि पश्चिम बंगाल हमारे लिए चुनौती है, लेकिन हम निश्चित रूप से जीतेंगे। जिन राज्यों में चुनाव हैं, वहां हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
सरदार आरपी सिंह ने पीएम मोदी के प्रभावशाली कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में एक अच्छी सरकार है, जो उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। हमने 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। घुसपैठ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सही कहा कि घुसपैठियों के कारण डेमोग्राफी में असंतुलन पैदा हो रहा है। हमें रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को पहचान कर उनके देश वापस भेजने की आवश्यकता है।
केरल में राहुल गांधी द्वारा भाजपा और संघ पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि कौन-सी पार्टी विकेंद्रीकरण की बात करती है? यह पार्टी तो केवल गांधी परिवार द्वारा संचालित की जा रही है। खड़गे को रिमोट कंट्रोल की तरह लाया गया है। वे हर चुनाव में नया नैरेटिव लाते हैं, लेकिन चुनाव में हार ही मिलती है।
उन्होंने कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान पर कहा कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच झगड़े के कारण प्रशासन पर असर पड़ रहा है, जिससे लोगों को समस्याएं हो रही हैं।
कर्नाटक के डीजीपी को निलंबित किए जाने पर भाजपा नेता ने कहा कि जो वीडियो सामने आए हैं, वे शर्मनाक हैं। निलंबन से कुछ नहीं होता, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
बीएमसी चुनाव के बाद मेयर को लेकर चल रही खींचतान पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उद्धव ठाकरे कितनी भी कोशिश कर लें, मेयर तो महायुति का ही बनेगा।