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क्या राजस्थान: 1 फरवरी से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी?

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क्या राजस्थान: 1 फरवरी से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी?

सारांश

राजस्थान पुलिस ने एमएलसी और पीएमआर को डिजिटाइज कर कागजी कार्रवाई खत्म करने का निर्णय लिया है। 1 फरवरी से ये रिपोर्टें पूरी तरह ऑनलाइन होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। जानिए इस नई प्रणाली की खासियतें और इससे होने वाले फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

1 फरवरी से एमएलसी और पीएमआर पूरी तरह ऑनलाइन होंगे।
हस्तलिखित रिपोर्टों पर प्रतिबंध लगेगा।
डिजिटल प्रक्रिया से समय की बचत होगी।
जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू होंगे।
सिस्टम में हेरफेर की संभावनाएँ खत्म होंगी।

जयपुर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान पुलिस ने मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (पीएमआर) बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटाइज करने का निर्णय लिया है।

यह कदम पुलिस व्यवस्था को कागजी कार्रवाई रहित और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

जोधपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, 1 फरवरी से राज्य में हस्तलिखित एमएलसी और पीएमआर रिपोर्टों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाएगा।

पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) परम ज्योति ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने 17 नवंबर, 2025 को दिए गए आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया था कि सभी एमएलसी और पीएमआर प्रक्रियाएं विशेष रूप से मेडलीएपीआर सॉफ्टवेयर और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) के माध्यम से संचालित की जानी चाहिए।

इस आदेश के आधार पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) और पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

नई प्रणाली के तहत यदि 1 फरवरी 2026 के बाद कोई एमएलसी या पीएमआर मैन्युअल रूप से तैयार किया जाता है और निर्धारित सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जाता है, तो सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।

संबंधित जिले के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ), जांच अधिकारी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

जयपुर और जोधपुर के पुलिस आयुक्त कार्यालयों में, जिम्मेदारी पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और पुलिस आयुक्त तक बढ़ेगी। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, एमएलसी और पीएमआर के लिए सभी अनुरोध अब केवल सीसीटीएनएस के माध्यम से ही तैयार किए जाएंगे।

चिकित्सा अधिकारियों द्वारा तैयार की गई अंतिम रिपोर्ट भी इसी प्रणाली के माध्यम से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस डिजिटल प्रक्रिया से समय की बचत होने, पारदर्शिता सुनिश्चित होने और कानूनी दस्तावेजों में हेरफेर या मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त होने की उम्मीद है।

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पारदर्शिता भी बढ़ाएगा। यह प्रणाली अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है, जिससे पूरे देश में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकें।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट कब से ऑनलाइन होगी?
1 फरवरी 2026 से राजस्थान में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी।
क्या मैन्युअल रिपोर्ट बनाने पर कोई कार्रवाई होगी?
हां, 1 फरवरी 2026 के बाद कोई भी मैन्युअल रिपोर्ट बनाने पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।
इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को खत्म करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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