क्या कांग्रेस और विपक्ष के मुद्दों से जनता का कोई सरोकार नहीं है?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस का जनता के मुद्दों से दूर रहना।
- भाजपा का पलटवार और विपक्ष को चुनौती देना।
- बिहार की जनता का विकास की राजनीति पर जोर।
नई दिल्ली, २ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के हंगामे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कड़ा जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष के पास जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस १४० साल पुरानी पार्टी है, लेकिन वह आज भी बच्चों की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आज तक मुद्दों को समझ नहीं पाई है।
उन्होंने स्पष्ट किया, "बिहार के लोगों ने एसआईआर पर पहले ही अपना जवाब दे दिया है, लेकिन कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन करना चाहती है। यदि मुद्दे में ताकत होती, तो एक कार में विधायक नहीं होते। बिहार में केवल कांग्रेस के विधायक ही एक कार में बैठने लायक हैं। जनता के मुद्दों से कांग्रेस और विपक्ष का कोई सरोकार नहीं है।"
विपक्ष को चुनौती देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें संसद में गांवों और किसानों के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। अगर विपक्ष में हिम्मत है, तो उन्हें ऐसे मुद्दों को लेकर सरकार का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा, "विपक्ष के पास न कोई दिशा है और न कोई मुद्दा है। ऐसे मुद्दे जो जनता के नहीं हैं, उन पर संसद को चलने नहीं दिया जा रहा है।"
एसआईआर के विषय पर विपक्ष के हंगामे को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है।
संसद में एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "मुझे लगता है कि बिहार चुनाव और उसके परिणामों के बाद, संसद का फ्लोर ही विपक्ष के लिए खुद को महत्वपूर्ण साबित करने की एकमात्र जगह रह गई है।"
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने विघटन की राजनीति के बजाय विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्वीकार किया है।