कांग्रेस ने भाजपा का नारी विरोधी चेहरा उजागर किया: सुरेंद्र राजपूत
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का प्रभावी कार्यान्वयन आवश्यक है।
- भाजपा का नारी विरोधी चेहरा स्पष्ट रूप से उभर रहा है।
- बिहार में भाजपा ने जनता के साथ धोखा किया है।
- कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।
- महिलाओं के लिए आरक्षण पर कांग्रेस की प्रतिबद्धता।
लखनऊ, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर बात करते हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा कि भाजपा का नारी विरोधी चेहरा अब सबके सामने आ चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि जब वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल सर्व सम्मति से पारित हुआ था, तब कांग्रेस ने सुझाव दिया था कि इसे 2024 के चुनावों में लागू किया जाए। अब तक 8-10 राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और लोकसभा का चुनाव भी हो चुका है। यदि उस समय महिला आरक्षण बिल लागू हो गया होता, तो कई महिलाएं संसद और विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही होतीं।
सुरेंद्र राजपूत ने याद दिलाया कि राजीव गांधी ने पंचायती राज बिल लाकर महिलाओं को आरक्षण देकर 14 लाख महिलाओं को पंचायती राज व्यवस्था में शामिल किया। भाजपा का नारी विरोधी चेहरा स्पष्ट है। कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, और हम भाजपा के नारी विरोधी चेहरे को उजागर करते रहेंगे।
बिहार के सीएम पद की शपथ पर सम्राट चौधरी के बारे में बात करते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा ने बिहार की जनता को धोखा दिया है। उन्होंने जबरदस्ती वहां अपना मुख्यमंत्री नियुक्त किया, जबकि वोट नीतीश
जम्मू-कश्मीर में एक स्थानीय व्यक्ति की कथित हत्या पर उमर अब्दुल्ला के बयान पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि गाय के नाम पर इंसान की हत्या की जाती है। जो लोग गाय के नाम पर हत्या करते हैं, वे आतंकवादी हैं। उनके साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। केंद्र को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि अगर इस तरह की हत्याएं होती रहीं, तो देश में जंगलराज आ जाएगा।