कांग्रेस का जनाधार कैसे बढ़ेगा? शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े की सलाह
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस को अपनी स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है।
- लालू यादव के खिलाफ आरोप गंभीर हैं।
- शिवसेना ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
- एआईएमआईएम का राजनीतिक भविष्य असुरक्षित है।
- ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव परिवार के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस संदर्भ में, शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने लालू यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हेगड़े ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में जमीनों के बदले नौकरी देने का काम किया गया था। ये सभी घोटाले लालू यादव और उनके परिवार से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों का पालन होगा और पुलिस तथा जांच एजेंसियां अपनी कार्यवाही करेंगी।
कांग्रेस द्वारा एआईएमआईएम को भाजपा की बी-टीम कहने पर हेगड़े ने कहा कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम का पूरी तरह सफाया हो गया है।
उन्होंने बताया कि भाजपा, शिवसेना और बाद में अजित पवार की एनसीपी ने मिलकर सरकार बनाई है। पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति का दबदबा रहा है, जबकि एआईएमआईएम का कहीं कोई अस्तित्व नहीं था।
हेगड़े ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का वोटबैंक जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने के कारण लगभग समाप्त हो गया है। कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए, अपने कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाना चाहिए और जमीनी स्तर पर जनता की सेवा में लगना चाहिए, तभी उसका जनाधार बढ़ सकता है। लेकिन पिछले 10-12 वर्षों में कांग्रेस ने ऐसा कोई ठोस प्रयास नहीं किया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगभग 100 चुनाव हार चुकी है। इसके लिए भाजपा या अन्य दलों को दोष देना गलत है, कांग्रेस को अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर फाइलें छीने जाने की घटनाओं पर हेगड़े ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक स्वायत्त संस्था है और जहां उसे संदेह होता है, वहां वह कार्रवाई करती है।
उन्होंने बताया कि आई-पैक संस्था पर कार्रवाई के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। हेगड़े के अनुसार, जब ईडी टीएमसी कार्यालय में दस्तावेज की जांच कर रही थी, तब ममता बनर्जी की टीम और पुलिस ने ईडी अधिकारियों से उनकी पहचान पूछी और दस्तावेज छीने, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं है।