क्या कांग्रेस को चुनाव सुधार पर चर्चा से ज्यादा 'चंपू' के सुधार पर खर्च करने की आवश्यकता है? : मुख्तार अब्बास नकवी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस को 'चंपू' के सुधार की जरूरत है।
- अमित शाह के बयान का समर्थन किया गया।
- विपक्ष की स्थिति पर सवाल उठाया गया।
- संसद में बहस जारी है।
- नकवी ने तंज कसा कि विपक्ष झूठ बोल रहा है।
नई दिल्ली, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इस दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव सुधारों पर विपक्ष के उठाए सवालों का जवाब दिया। भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्रीय गृह मंत्री के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि घुसपैठिए भारत के पीएम और सीएम का चुनाव नहीं कर सकते।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कांग्रेस की वयोवृद्ध विरासत का विनाश जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तर्कों और तथ्यों के साथ इस वयोवृद्ध विरासत और विनाशकारी इतिहास को याद दिलाया है। जब विपक्ष फर्जीफिकेशन का जस्टिफिकेशन नहीं दे पाएगा और इसमें विफल साबित होगा, तो उनकी धुलाई संसद से लेकर सड़क तक होगी। इससे उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी।"
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "कांग्रेस को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने से ज्यादा जरूरत अपने चंपू के सुधार पर खर्चा करने की है। केवल अपने चंपू के सुधार से ही कांग्रेस का भला होगा, अन्यथा नॉन परफॉर्मिंग पार्टी की नॉन प्रोडक्टिव राजनीति जारी रहेगी और वे धराशायी होते रहेंगे।"
नकवी ने कहा, "जब तक विपक्ष ज़मीन की हकीकत नहीं समझेगा और उन्हें यह एहसास नहीं होगा कि तब तक वे फर्जीफिकेशन करते रहेंगे और फिर उसका जस्टिफिकेशन नहीं करेंगे, तब तक उनकी धुलाई होती रहेगी। सदन में अमित शाह के वक्तव्य के बाद विपक्षी खेमे के लोग सदमे में होंगे।"
विपक्ष के सदन से वॉकआउट करने पर मुख्तार अब्बास नकवी ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "वे संसद से वॉकआउट करें, जनता उनका वॉकआउट कर रही है। विपक्ष कब तक झूठ और धोखे के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश करेगा? यह बहुत हो चुका। जब विपक्ष के पास तर्कों की कमी होती है, तो वह 'कुतर्कों का मवाली' कहलाता है।"
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।