भारत ने सेशेल्स को भेजी 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता, वैश्विक सहयोग का उदाहरण

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भारत ने सेशेल्स को भेजी 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता, वैश्विक सहयोग का उदाहरण

सारांश

भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता भेजकर वैश्विक सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है। इस पहल का उद्देश्य विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है। जानिए भारत की अन्य सहायता प्रयासों के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता भेजी।
  • 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया।
  • भारत की मानवीय सहायता विभिन्न संकटग्रस्त देशों तक पहुंची है।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने एक बार फिर से वैश्विक सहयोग और सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न भेजा है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों में खाद्य सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण के लिए एकजुटता और अखंडता को प्रोत्साहित करना है।

इसके अतिरिक्त, भारत द्वारा 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत आगे भी सहायता दी जाएगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न की एक खेप भेजी है। सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत और भी सहायता भेजी जाएगी।"

भारत ने मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कई देशों को सहायता पहुंचाई है। इसी सप्ताह, भारत ने संकट का सामना कर रहे अफ्रीकी देशों मोजाम्बिक, मलावी और बुर्किना फासो को खाद्य सहायता प्रदान की है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने सूखा प्रभावित मलावी को 1,000 मीट्रिक टन चावल, बुर्किना फासो को 1,000 मीट्रिक टन चावल और बाढ़ प्रभावित मोजाम्बिक को 500 मीट्रिक टन चावल के साथ राहत सामग्री भेजी है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत ने बुर्किना फासो को मानवीय सहायता के रूप में 1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा है। इसका उद्देश्य कमजोर समुदायों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए भारत की निरंतर विकास और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत भागीदार के रूप में प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"

यह मानवीय पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब कई अफ्रीकी देश गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

बुर्किना फासो क्षेत्र के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक से जूझ रहा है, जहां लाखों लोगों को सहायता की आवश्यकता है। इसके अलावा, 2022 के तख्तापलट के बाद से इस्लामिक उग्रवादी समूहों से जुड़ी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता भी जारी है।

एक लेख के अनुसार, मलावी अल नीनो से जुड़े सूखे के कारण खाद्य संकट का सामना कर रहा है, जबकि मोजाम्बिक में विनाशकारी बाढ़ आई है।

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत ने सेशेल्स को कितनी खाद्यान्न सहायता भेजी?
भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता भेजी है।
भारत का विशेष आर्थिक पैकेज क्या है?
भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया है।
भारत ने अन्य किन देशों को खाद्य सहायता भेजी है?
भारत ने मोजाम्बिक, मलावी और बुर्किना फासो को भी खाद्य सहायता भेजी है।
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