क्या राहुल गांधी को कांग्रेस का कोई नेता गंभीरता से लेता है?

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क्या राहुल गांधी को कांग्रेस का कोई नेता गंभीरता से लेता है?

सारांश

भाजपा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि पार्टी के नेता उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। शकील अहमद ने उनके नेतृत्व में कांग्रेस के पतन की बात की है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • भाजपा ने राहुल गांधी को 'अपरिपक्व' कहा है।
  • कांग्रेस में नेताओं की असंतोष की आवाजें उठ रही हैं।
  • राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो रही है।
  • शकील अहमद ने राहुल गांधी के प्रति संदेह व्यक्त किया है।
  • भविष्य में कांग्रेस की हार के आंकड़े बढ़ सकते हैं।

नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। भाजपा ने यह आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्य उन्हें खुलकर 'अपरिपक्व' कह रहे हैं और पार्टी की लगभग 95 चुनावी हार के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस में कोई भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता!

भंडारी ने एक्स पर शकील अहमद का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई भी नेता राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद शकील अहमद ने यह स्वीकार किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का बंटाधार हो रहा है और भविष्य में कांग्रेस देश की राजनीति में तीसरी पार्टी भी नहीं रह पाएगी।

भंडारी ने कहा कि कांग्रेस के नेता यह मानते हैं कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों का जनता से कोई संबंध नहीं रहता। इसलिए वे कहते हैं कि राहुल गांधी ने एसआईआर से जो मुद्दा उठाया है, वह एक पूरा फ्लॉप शो है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, जो लोकतंत्र की बात करते हैं, खुद अपनी पार्टी में लोकतंत्र को नहीं मानते। भंडारी ने कहा, "शकील अहमद कहते हैं कि मल्लिकार्जुन खड़गे को राहुल गांधी ने डमी बना दिया।" यह बात साबित हो चुकी है कि कांग्रेस के नेता मीडिया के सामने यह कह रहे हैं कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में 95 चुनाव हार चुकी है और इसके लिए केवल राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस की हार का आंकड़ा 100 को पार जाने वाला है। राहुल गांधी ने कांग्रेस को एक परजीवी पार्टी बना दिया है, और अब कांग्रेस के नेता इस बात को स्वीकार कर रहे हैं।

इस क्लिप में बिहार के कांग्रेस नेता शकील अहमद ने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी से मिलने का समय नहीं मांगा है, जो यह इंगित करता है कि विपक्ष के नेता के मन में अपने ही दल के सदस्यों को लेकर संदेह है।

शकील अहमद ने यह भी अफसोस जताया कि राहुल गांधी उन कांग्रेस नेताओं को भी साथ नहीं ले जा रहे हैं जो उनकी मां और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मिलकर काम कर रहे थे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस के अंदर से ही यह आवाजें उठ रही हैं कि उनके नेतृत्व में पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है। यह एक गंभीर संकेत है जो कांग्रेस की भविष्य की राजनीतिक स्थिति पर असर डाल सकता है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

राहुल गांधी पर भाजपा के आरोप क्या हैं?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी को कांग्रेस के नेता गंभीरता से नहीं लेते और उन्हें पार्टी की चुनावी हार का जिम्मेदार ठहराते हैं।
क्या कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व से संतुष्ट हैं?
कई कांग्रेस नेता मानते हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
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