8 अक्टूबर 2026
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कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका पर महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप

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कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका पर महिला पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप

सारांश

CEC के इस्तीफे की माँग को लेकर जारी विपक्षी प्रदर्शन के बीच BJP महिला मोर्चा ने 8 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना दिया। राहुल-प्रियंका पर पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोप लगे; दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज कीं।

मुख्य बातें

दिल्ली प्रदेश BJP महिला मोर्चा ने 8 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाबलों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया।
कांस्टेबल दीपेंद्र संधू , हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत और महिला कांस्टेबल सीमा ने मारपीट और बदसलूकी के आरोप मीडिया के सामने लगाए।
दिल्ली पुलिस ने दुर्व्यवहार, धक्कामुक्की और मारपीट को लेकर कई FIR दर्ज की हैं।
विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।

नई दिल्ली में 8 अक्टूबर 2026 को सियासी तापमान उस समय और बढ़ गया, जब दिल्ली प्रदेश भाजपा (BJP) महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाबलों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जारी विपक्षी आंदोलन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

भाजपा महिला मोर्चा का कथित तौर पर आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा सुरक्षाबलों के साथ धक्कामुक्की की। इस विवाद ने तब और तूल पकड़ा, जब दिल्ली पुलिस के कुछ जवानों ने मीडिया के सामने प्रदर्शन के दौरान उनके साथ हुई मारपीट और बदसलूकी की घटनाओं का ब्यौरा दिया।

पुलिसकर्मियों के बयान

दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल दीपेंद्र संधू ने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारियों को क्षेत्र में लागू धारा 163 की जानकारी दी जा रही थी, तब कुछ लोगों ने पीछे से हमला कर दिया। उनके अनुसार उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से मारा गया।

हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत ने भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई — उन्हें पीछे से खींचकर गिराया गया और हमलावर को बाद में प्रदर्शनकारियों ने वहाँ से निकालने में मदद की।

महिला कांस्टेबल सीमा ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें भी चोटें आईं। उनके अनुसार यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी प्रदर्शन में शामिल विधायकों को हिरासत में ले रहे थे।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार, धक्कामुक्की और मारपीट को लेकर कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि उसके जवान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तैनात थे। दर्ज शिकायतों के आधार पर मामले की जाँच जारी है।

विपक्ष का पक्ष

दूसरी ओर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ फैसलों पर निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी एकता चरम पर है और दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक दूरियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

आगे क्या

फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ता नज़र आ रहा है। दर्ज FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है — जहाँ CEC के इस्तीफे की माँग पर विपक्ष का आंदोलन सत्तारूढ़ दल के जवाबी आख्यान से टकरा रहा है। पुलिसकर्मियों के बयान सार्वजनिक करने और तत्काल FIR दर्ज करने की रफ़्तार यह सवाल उठाती है कि क्या यह कार्रवाई प्रशासनिक है या राजनीतिक। मुख्यधारा की कवरेज दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप तक सिमटी है, लेकिन असली सवाल यह है कि SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे मूल विवाद का क्या होगा — वह बहस इस शोर में दब जाने का खतरा है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन क्यों किया?
दिल्ली प्रदेश BJP महिला मोर्चा ने 8 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर महिला पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाबलों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन विपक्षी आंदोलन के जवाब में आया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
दिल्ली पुलिस ने पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार, धक्कामुक्की और मारपीट को लेकर कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि उसके जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे और दर्ज शिकायतों के आधार पर जाँच जारी है।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं?
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान क्या आरोप लगाए?
कांस्टेबल दीपेंद्र संधू ने कहा कि जब वह धारा 163 की जानकारी दे रहे थे तब उन पर पीछे से हमला हुआ और उन्हें लात-घूंसे मारे गए। हेड कांस्टेबल भूपेंद्र अहलावत और महिला कांस्टेबल सीमा ने भी प्रदर्शन के दौरान मारपीट और चोट लगने का आरोप लगाया।
इस राजनीतिक विवाद का आगे क्या असर पड़ सकता है?
BJP और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ता नज़र आ रहा है। दिल्ली पुलिस की जाँच जारी है और FIR के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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