कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी कर विश्वासघात किया: कैलाश विजयवर्गीय
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों के प्रति अनदेखी का आरोप
- कैलाश विजयवर्गीय और नसीम सोलंकी की टिप्पणियाँ
- नारी शक्ति वंदन विधेयक का महत्व
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खारिज होने पर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस ने देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के साथ धोखा किया है। वे हमेशा बोलते रहे कि हम इस विधेयक के समर्थन में हैं, लेकिन अंत में उनका असली चेहरा सामने आया।
उधर, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की विधायक नसीम सोलंकी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के अधिकारों का सही समर्थन नहीं किया। यदि ऐसा होता, तो हमें इतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा कि जब उनके पति को जेल में डाला गया, तो उन्होंने गहरा दर्द महसूस किया और कई कठिनाइयों का सामना किया। भारतीय जनता पार्टी ने कभी भी महिलाओं के कष्टों पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन, चुनाव में जनता ने सच्चाई को उजागर किया।
उन्होंने कहा कि जनता समझती है कि महिलाओं के अधिकारों के लिए क्या सही है और इसलिए उपचुनाव में मेरा समर्थन किया। यह सिर्फ एक प्रचार नहीं है, बल्कि सच्चाई है कि कौन महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़ा है।
राजस्थान की बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी ने नारी शक्ति वंदन विधेयक के बारे में कहा कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देता है, लेकिन यह खेदजनक है कि यह बिल गिर गया।