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क्या यूपी के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन हो गया?

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क्या यूपी के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन हो गया?

सारांश

कानपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन हो गया है। उनका राजनीतिक सफर और योगदान इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण रहा है। उनके निधन से कांग्रेस और कानपुर सियासी जगत में शोक की लहर है। जानिए उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन कानपुर में हुआ।
वे तीन बार कानपुर से सांसद रहे।
उन्होंने यूपीए-2 सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
उनका जन्म 25 सितंबर 1944 को हुआ।
वे राजनीतिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे।

कानपुर, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार को कानपुर में लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया।

उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर उन्हें कानपुर कार्डियोलॉजी में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

श्रीप्रकाश जायसवाल का जाना कांग्रेस और कानपुर के राजनीतिक परिवेश के लिए एक महान क्षति माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने 1999, 2004 और 2009 में लगातार कानपुर से कांग्रेस के सांसद रहते हुए केंद्रीय मंत्री का पद भी संभाला। उन्होंने यूपीए-2 सरकार के दौरान कोयला मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को संभाला।

वे मनमोहन सिंह की सरकार में गृहमंत्री रह चुके थे।

श्रीप्रकाश जायसवाल का जन्म 25 सितंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। उनका राजनीतिक जीवन मुख्यतः कानपुर से जुड़ा रहा। उन्होंने यहां से तीन बार लोकसभा सांसद के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। वे राजनीति के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे। मनमोहन सिंह की सरकार में आंतरिक सुरक्षा और गृह मंत्रालय से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से प्राप्त हुई। उनका विवाह 28 अप्रैल 1967 को माया रानी जायसवाल से हुआ। उनके परिवार में दो बेटे, एक बेटी और दो पोते हैं। राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए वे 1989 में कानपुर शहर के मेयर बने। इसके बाद उन्होंने दिल्ली की राजनीति में कदम रखा।

लगभग चार दशकों तक सक्रिय और प्रभावशाली राजनीति में रहने वाले श्रीप्रकाश जायसवाल के भाई प्रमोद जायसवाल ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था, जिससे उनके भाजपा में जाने की अटकलें बढ़ गई थीं, लेकिन उन्होंने कांग्रेस में बने रहने का निर्णय लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरी पार्टी और कानपुर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान और राजनीतिक अनुभव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीप्रकाश जायसवाल का जन्म कब हुआ था?
उनका जन्म 25 सितंबर 1944 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था।
उन्होंने किन किन पदों पर कार्य किया?
वे तीन बार कानपुर से सांसद रहे और यूपीए-2 सरकार में कोयला मंत्रालय का दायित्व संभाला।
उनकी शिक्षा कहां हुई थी?
उनकी प्रारंभिक शिक्षा कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से हुई।
क्या उनके परिवार में कोई और भी राजनीतिक व्यक्ति है?
उनके भाई प्रमोद जायसवाल ने हाल ही में भाजपा ज्वाइन की है।
कौन से महत्वपूर्ण घटनाएं उनके जीवन में हुईं?
उन्होंने 1989 में कानपुर के मेयर का पद संभाला और लगभग चार दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहे।
राष्ट्र प्रेस
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