क्या कांग्रेस विधायक बरैया का महिलाओं पर विवादित बयान देना शर्मनाक है?: रविदास मेहरोत्रा
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सम्मान
- सुरक्षा सुनिश्चित करना
- संविधान की रक्षा
- लोकतंत्र की सुरक्षा
- सामाजिक जिम्मेदारी
लखनऊ, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा दलित, आदिवासी और ओबीसी महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान से सियासत गर्मा गई है। इस पर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बरैया के बयान को शर्मनाक और अपमानजनक बताया।
मेहरोत्रा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ऐसी सोच रखने वाले लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते, और यही कारण है कि समाज में बहन-बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
हरिद्वार में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गंगा में स्नान करना हर नागरिक का अधिकार है, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो। किसी विशेष धर्म के लोगों को स्नान से रोकना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह न केवल गलत है, बल्कि गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक भी है।
बीएमसी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए गलत तरीकों का सहारा लेना चाहती हैं। वोट खरीदने और दल-बदल को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों के जरिए भाजपा का मकसद बीएमसी चुनावों में अपने उम्मीदवार को मेयर बनाना है। मेहरोत्रा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि जनता इन चालों को समझ रही है।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के जीर्णोद्धार और इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आरोप लगाने पर भी मेहरोत्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर बहुत पुराने मंदिरों को तोड़ना लोगों की आस्था पर हमला है।
उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा और कहा कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से केंद्र में है, और यदि घुसपैठिए आ रहे हैं तो यह केंद्रीय सरकार की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को दर्शाता है।
मेहरोत्रा ने इस मुद्दे पर भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी टिप्पणी की, यह कहते हुए कि चाहे जितनी कोशिशें कर लें, ममता बनर्जी की सरकार पश्चिम बंगाल में बनी रहेगी।