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क्या छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ ने माओवादी साजिश को नाकाम किया?

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क्या छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ ने माओवादी साजिश को नाकाम किया?

सारांश

छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ ने माओवादी साजिश को नाकाम किया, दो घातक आईईडी बरामद कर नष्ट किए। यह कार्रवाई बस्तर में शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है। जानें, कैसे सीआरपीएफ ने एक संभावित विनाशकारी हमले को टाला।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ ने बीजापुर में माओवादी हमले को विफल किया।
दो घातक आईईडी बरामद कर उन्हें नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई बस्तर में शांति के लिए महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा बलों ने माओवादी साजिश को नाकाम किया।
सीआरपीएफ की २१४वीं बटालियन ने अभियान चलाया।

रायपुर/बीजापुर, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने क्रिसमस के दिन वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। सीआरपीएफ ने अशांत बीजापुर जिले में दो उच्च क्षमता वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर उन्हें निष्क्रिय करके एक संभावित विनाशकारी माओवादी हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की।

यह अभियान फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) कंदलपर्ती-२ से प्रारंभ किया गया था, जो नियमित माओवादी विरोधी क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास का हिस्सा था। अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ की २१४वीं बटालियन की एक समर्पित टीम ने घने जंगलों में गश्त और तलाशी अभियान चलाया, जो माओवादियों का एक प्रसिद्ध गढ़ है।

बम पहचान एवं निरोधक (बीडीडी) दस्ते ने बमों को निष्क्रिय करने के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की। पुलिस अधिकारियों ने आगे बताया कि उन्होंने दो घातक आईईडी (संक्रामक विस्फोट उपकरण) बरामद किए, जिनका वजन क्रमशः २० किलोग्राम और ५ किलोग्राम था। ये आईईडी गश्त कर रहे सैनिकों या नागरिकों को निशाना बनाने के लिए बड़ी चालाकी से छिपाए गए थे।

इसके अतिरिक्त, टीम ने काले तिरपाल में लिपटे एक डिब्बे में छिपाए गए ११० पटाखों के बंडल भी जब्त किए, जिन्हें आमतौर पर सूतली बम के नाम से जाना जाता है। माओवादी अक्सर इन सामग्रियों का उपयोग विस्फोटक उपकरण बनाने के लिए करते हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए २१४वीं बटालियन के बीडीडी विशेषज्ञों ने दोनों आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया, जिससे आसपास के क्षेत्रों या कर्मियों को कोई खतरा नहीं हुआ।

अधिकारियों ने सीआरपीएफ कर्मियों की सूझबूझ और बहादुरी की प्रशंसा की है, यह बताते हुए कि इस बरामदगी ने माओवादियों के नापाक मंसूबों को एक करारा झटका दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमारे जवानों की सतर्कता ने एक बार फिर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया, लोगों की जान बचाई, और बस्तर में शांति के हमारे मिशन को आगे बढ़ाया।

यह सफलता छत्तीसगढ़ में तेज नक्सल विरोधी अभियानों के बीच प्राप्त हुई है, जहां सुरक्षा बलों ने नए शिविर स्थापित किए हैं और उग्रवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी साबित हुआ कि सुरक्षा बल देश की रक्षा में हमेशा तत्पर हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ ने क्या किया?
सीआरपीएफ ने बीजापुर में दो घातक आईईडी बरामद कर उन्हें नष्ट किया।
इन आईईडी का वजन कितना था?
एक आईईडी का वजन २० किलोग्राम और दूसरे का ५ किलोग्राम था।
सीआरपीएफ की कौन सी बटालियन ने यह अभियान चलाया?
यह अभियान सीआरपीएफ की २१४वीं बटालियन ने चलाया।
क्या यह घटना बस्तर क्षेत्र में शांति के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह घटना बस्तर क्षेत्र में शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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