26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दरभंगा में नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म मामले में दो गिरफ्तार, एफआईआर के चार घंटे में पुलिस की कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दरभंगा में नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म मामले में दो गिरफ्तार, एफआईआर के चार घंटे में पुलिस की कार्रवाई

सारांश

दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के चार घंटे भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी प्रविन्द्र मांझी और उसके पिता जामुन मांझी अब हिरासत में हैं; एक किशोर भी निरुद्ध है।

मुख्य बातें

दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का मामला 25 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के करीब चार घंटे के भीतर पुलिस ने प्रविन्द्र मांझी उर्फ प्रवीण मांझी और उसके पिता जामुन मांझी को गिरफ्तार किया।
जामुन मांझी पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और पुलिस अधिकारी के सामने धमकी देने का भी आरोप है।
मामले में एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है; घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद।
जाँच में कथित तौर पर दोनों पक्ष रिश्तेदार निकले; पुलिस ने कहा — नाबालिग होने के कारण कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह जारी रहेगी।

बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल व एक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को दोपहर करीब तीन बजे पीड़िता, आरोपी और उसका सहयोगी मोटरसाइकिल से दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुँचे थे। वहाँ तीनों को संदिग्ध स्थिति में देखकर जीआरपी पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए जीआरपी थाना लाया।

जीआरपी थाने ने पीड़िता और आरोपी दोनों पक्षों के परिजनों को फोन पर सूचित किया, जिसके बाद दोनों परिवार थाने पहुँचे। पुलिस अभिरक्षा में रखे गए तीनों को उस दिन पीआर बॉन्ड पर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया और एक सनहा दर्ज किया गया। हालाँकि, अगले दिन 25 सितंबर को बिरौल थाने में पीड़िता के परिजनों की शिकायत के आधार पर अपहरण और दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में बाकायदा मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रविन्द्र मांझी उर्फ प्रवीण मांझी और उसके पिता जामुन मांझी को गिरफ्तार किया है। दोनों मजरगाही गाँव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, जामुन मांझी पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट करने और पुलिस पदाधिकारी के समक्ष उन्हें धमकी देने का भी आरोप है।

मामले में एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है, जिसे किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत संभाला जा रहा है।

जाँच में सामने आए तथ्य

दरभंगा पुलिस की जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि पीड़ित और आरोपी पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और मामला एक कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चूँकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए दर्ज आरोपों के आधार पर विधिसम्मत जाँच आगे बढ़ाई जाएगी और किसी भी परिस्थिति में कानूनी प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जाएगा।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले में घटना में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो जाँच में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई की माँग लगातार उठती रही है। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अदालती प्रक्रिया का परिणाम निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जीआरपी थाने में 24 सितंबर की रात पीआर बॉन्ड पर तीनों को क्यों छोड़ा गया — जबकि पीड़िता नाबालिग थी। यदि उस रात ही पॉक्सो के तहत संज्ञान लिया जाता, तो पीड़िता को अगले दिन फिर शिकायत दर्ज करवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह मामला एक बार फिर यह रेखांकित करता है कि जीआरपी और स्थानीय थाने के बीच समन्वय की कमी नाबालिग पीड़ितों के लिए न्याय में विलंब की वजह बन सकती है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दरभंगा नाबालिग अपहरण-दुष्कर्म मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रविन्द्र मांझी उर्फ प्रवीण मांझी और उसके पिता जामुन मांझी को गिरफ्तार किया है। दोनों मजरगाही गाँव, दरभंगा के निवासी हैं। इसके अलावा एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है।
यह घटना कब और कहाँ हुई?
घटना 24 सितंबर 2026 को दोपहर करीब तीन बजे की है, जब तीनों दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पहुँचे और जीआरपी पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए रोका। बिरौल थाना क्षेत्र में एफआईआर 25 सितंबर को दर्ज की गई।
जामुन मांझी पर क्या-क्या आरोप हैं?
जामुन मांझी पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट करने और पुलिस पदाधिकारी के समक्ष उन्हें धमकी देने का आरोप है। उन्हें इन्हीं आरोपों के आधार पर उनके बेटे के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जाँच में क्या सामने आया है?
जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि पीड़ित और आरोपी पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और मामला एक कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता नाबालिग होने के कारण दर्ज आरोपों के अनुसार विधिसम्मत जाँच जारी रहेगी।
मामले में क्या साक्ष्य बरामद हुए हैं?
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये दोनों वस्तुएँ जाँच में अहम भौतिक साक्ष्य मानी जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले