क्या दीपोत्सव 2025 में अयोध्या में महाकुंभ की तर्ज पर एआई कैमरों से निगरानी होगी?

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क्या दीपोत्सव 2025 में अयोध्या में महाकुंभ की तर्ज पर एआई कैमरों से निगरानी होगी?

सारांश

दीपोत्सव 2025 में अयोध्या में पहली बार महाकुंभ की तर्ज पर एआई कैमरों से निगरानी की जाएगी। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तकनीकी पहल से अयोध्या का दीपोत्सव और भी भव्य और सुरक्षित बनेगा।

मुख्य बातें

दीपोत्सव 2025 में तकनीकी प्रबंधन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत होगा।
11 एआई कैमरे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में सहायता मिलेगी।
भीड़ प्रबंधन को आसान बनाएगा।
मेला क्षेत्र में रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी।

अयोध्या, 17 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दीपोत्सव 2025 इस बार केवल भव्यता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक नहीं बनेगा, बल्कि यह तकनीकी प्रबंधन का एक अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर, इस बार दीपोत्सव में महाकुंभ की तर्ज पर एआई कैमरों के माध्यम से निगरानी का कार्य बड़े पैमाने पर किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 11 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कैमरे तैनात किए जा रहे हैं, जो हर स्थान पर नजर रखेंगे। ये कैमरे लता चौक, धर्म पथ, राम पथ और राम की पैड़ी पर लाइव रहेंगे, जिससे चारों दिशाओं में आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जाएगी।

डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि इस बार दीपोत्सव में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। एआई कैमरे न केवल भीड़ का हेड काउंट करेंगे, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान भी कर सकते हैं। यदि किसी क्षेत्र में भीड़ अधिक होती है, तो तुरंत इन कैमरों के जरिए अधिकारियों को अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे क्राउड मैनेजमेंट किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर 11 एआई कैमरे सक्रिय मोड में रहेंगे। मेला क्षेत्र में इन कैमरों की टेस्टिंग हो चुकी है। पूरे आयोजन क्षेत्र को 11 एआई कैमरों से कवर किया जाएगा। दीपोत्सव के दौरान इन कैमरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। अयोध्या में इस बार महाकुंभ की तर्ज पर एआई क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे न केवल भीड़ का वैज्ञानिक विश्लेषण होगा, बल्कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई भी की जा सकेगी। कैमरों से प्राप्त आंकड़े प्रशासन के पास लाइव अपडेट के रूप में पहुंचेंगे। यह तकनीक सुरक्षा, अनुशासन और सुविधा तीनों सुनिश्चित करेगी।

डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने आगे कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि दीपोत्सव का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, बल्कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी उदाहरण बने। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में एआई कैमरे इंस्टॉल किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा और प्रबंधन में एक नया आयाम जोड़ेंगी। यह कदम निश्चित रूप से एक आदर्श उदाहरण बनेगा जब हम धार्मिक आयोजनों में तकनीकी प्रगति की बात करते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एआई कैमरे केवल सुरक्षा के लिए लगाए जा रहे हैं?
नहीं, एआई कैमरे न केवल सुरक्षा के लिए हैं, बल्कि वे भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए भी काम करेंगे।
दीपोत्सव में कितने एआई कैमरे लगाए जाएंगे?
इस बार दीपोत्सव में 11 एआई कैमरे लगाए जाएंगे।
क्या यह पहली बार है जब तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
हां, यह पहली बार है जब दीपोत्सव में महाकुंभ की तर्ज पर एआई कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस