दिल्ली में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश: 1,200 क्वार्टर शराब सहित सप्लायर गिरफ्तार

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दिल्ली में अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश: 1,200 क्वार्टर शराब सहित सप्लायर गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की एएनटीएफ ने गुप्त सूचना पर दिलशाद गार्डन में जाल बिछाकर 1,200 क्वार्टर अवैध शराब और एक कार के साथ सप्लायर आनंद को धर दबोचा। पूछताछ में बड़े नेटवर्क के तार उजागर हुए हैं और जाँच जारी है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस एएनटीएफ, शाहदरा ने 15 मई 2026 को दिलशाद गार्डन में छापा मारकर अवैध शराब सप्लायर को गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 180 एमएल की 1,200 क्वार्टर अवैध शराब और एक हुंडई एक्सेंट कार बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कड़कड़डूमा निवासी आनंद (33) के रूप में हुई।
सीमापुरी थाने में एफआईआर संख्या 337/2026 , दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत मामला दर्ज।
पूछताछ में आरोपी ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम बताए; पुलिस पूरी सप्लाई चेन की जाँच कर रही है।

दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), शाहदरा जिला ने 15 मई 2026 को दिलशाद गार्डन के जे एंड के ब्लॉक इलाके में छापा मारकर 1,200 क्वार्टर अवैध शराब के साथ एक सप्लायर को रंगे हाथों दबोचा। आरोपी की पहचान कड़कड़डूमा निवासी आनंद (33) के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ सीमापुरी थाने में एफआईआर संख्या 337/2026 दर्ज की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 15 मई की शाम एएनटीएफ/शाहदरा को गुप्त सूचना मिली कि आनंद नामक व्यक्ति शाम करीब 7:30 बजे एक सफेद रंग की हुंडई एक्सेंट कार से दिलशाद गार्डन के जे एंड के ब्लॉक में अवैध शराब की खेप पहुँचाने वाला है। सूचना की पुष्टि होते ही इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम तत्काल गठित की गई।

इस टीम में एसआई धीर सिंह, एएसआई शोकिंदर, हेड कांस्टेबल विकास मलिक, राजेश कुमार, पंकज कुमार, वेदपाल और कांस्टेबल अर्जुन शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी विवेक विहार और डीसीपी शाहदरा की निगरानी में संपन्न हुई।

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने मेन रोड, जे एंड के ब्लॉक के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। वाहन की तलाशी में 180 एमएल की 1,200 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई, जिसे कार में छिपाकर रखा गया था। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई एक्सेंट कार को भी जब्त कर लिया गया। आरोपी पर दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ के दौरान आरोपी आनंद ने स्वीकार किया कि वह आर्थिक तंगी के चलते अवैध शराब की सप्लाई और परिवहन के धंधे में शामिल हुआ। उसने इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन सूत्रों के आधार पर अब पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

आगे की जाँच

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज़ किया गया है। पुलिस अब उन अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है जो इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, जाँच जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पुलिस सप्लाई चेन के ऊपरी सिरे तक पहुँच पाएगी। दिल्ली में अवैध शराब के नेटवर्क बार-बार सामने आते हैं, छोटे सप्लायर पकड़े जाते हैं, लेकिन मुख्य संचालक अक्सर बचे रहते हैं। आरोपी द्वारा दिए गए नामों पर आगे की कार्रवाई यह तय करेगी कि यह ऑपरेशन महज़ एक नियमित बरामदगी था या किसी बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में असली कदम।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलशाद गार्डन में अवैध शराब की बरामदगी कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस एएनटीएफ, शाहदरा को गुप्त सूचना मिली कि आनंद नामक व्यक्ति 15 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे हुंडई एक्सेंट कार से दिलशाद गार्डन के जे एंड के ब्लॉक में अवैध शराब पहुँचाने वाला है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा और कार से 1,200 क्वार्टर शराब बरामद की।
गिरफ्तार आरोपी आनंद कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
आनंद (33) दिल्ली के कड़कड़डूमा का निवासी है। उस पर सीमापुरी थाने में एफआईआर संख्या 337/2026 के तहत दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में उसने आर्थिक तंगी को इस धंधे में शामिल होने का कारण बताया।
इस मामले में पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम बताए हैं। अब पूरी अवैध शराब सप्लाई चेन और उसके पीछे सक्रिय संचालकों की पहचान के लिए जाँच जारी है। आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
इस ऑपरेशन की निगरानी किसने की?
पूरी कार्रवाई एसीपी विवेक विहार और डीसीपी शाहदरा की निगरानी में हुई। मैदानी टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने किया, जिसमें एसआई धीर सिंह सहित कई अधिकारी और कांस्टेबल शामिल थे।
दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/58 क्या है?
दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33 अवैध शराब के परिवहन और आपूर्ति को प्रतिबंधित करती है, जबकि धारा 58 इसके उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है। बिना लाइसेंस के शराब की ढुलाई या बिक्री इन धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है।
राष्ट्र प्रेस
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