नितिन नवीन की फर्जी तिरंगा तस्वीर: दिल्ली भाजपा ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, गिरफ्तारी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार, 17 अगस्त को उन तत्वों की कड़ी निंदा की, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को तिरंगा उल्टा पकड़े हुए दिखाने वाली एक फर्जी तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने का प्रयास किया। पार्टी ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की माँग की है।
शिकायत का विवरण और माँगें
मल्होत्रा ने दिल्ली पुलिस से इस फर्जी तस्वीर को बनाने और वायरल करने के प्रयास की जाँच करने तथा दोषियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने की माँग की। उनके अनुसार, आरोपियों ने यह भ्रामक सामग्री एक्स (X), इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप सहित कई प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने का प्रयास किया।
तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
मल्होत्रा ने दिल्ली भाजपा का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव से मिलने के लिए भेजा। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश भाटिया, प्रदेश मंत्री गौरव खारी और विधिक प्रकोष्ठ के संयोजक नीरज शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने लिखित शिकायत सौंपते हुए विस्तृत जाँच और दोषियों की गिरफ्तारी की माँग दोहराई।
भाजपा का आरोप — विपक्ष पर निशाना
मल्होत्रा ने कहा कि लगातार राज्यों में सत्ता गँवा रहा और हताश विपक्ष देश का माहौल खराब करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता विपक्ष की किसी भी ऐसी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़े मामले भारत में संवेदनशील माने जाते हैं और ऐसे मामलों में प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टु नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
AAP नेता की गिरफ्तारी पर भाजपा की प्रतिक्रिया
इसी दिन दिल्ली भाजपा ने एक अलग मामले में दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। आम आदमी पार्टी (AAP) की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य श्रीचंद वोहरा को दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार किया। उन पर अपनी ही पार्टी के दलित कार्यकर्ता राकेश कुमार की दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर एक्सटेंशन स्थित संपत्ति पर कथित कब्जा करने का आरोप है।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस फर्जी तस्वीर के स्रोत की पहचान कर पाती है या नहीं, क्योंकि डिजिटल फोरेंसिक जाँच में ऐसे मामले अक्सर जटिल साबित होते हैं।