दिल्ली ब्लास्ट मामला: क्या यासिर अहमद डार की हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ाई गई?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में हुए ब्लास्ट में 15 लोगों की जान गई।
- यासिर अहमद डार की हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ाई गई है।
- एनआईए विस्फोट के पीछे के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
- इस मामले में अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- हिरासत बढ़ाने का उद्देश्य विस्तृत पूछताछ करना है।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट कार में हुए ब्लास्ट से संबंधित मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी यासिर अहमद डार की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने सोमवार को आरोपी की हिरासत बढ़ाते हुए उसे 16 जनवरी तक राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
यासिर अहमद डार की एनआईए हिरासत खत्म होने के बाद उसे सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान एनआईए ने रिमांड बढ़ाने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए, ताकि एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ कर सके।
एनआईए का कहना है कि हिरासत बढ़ाने का उद्देश्य आरोपी से विस्तृत पूछताछ करना और विस्फोट के पीछे के नेटवर्क का पता लगाना है। एजेंसी इस जांच में यह जानने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट की योजना कैसे बनाई गई, सहयोगी कौन थे, और हथियार एवं विस्फोटक सामग्री कैसे जुटाई गई।
इस मामले में एनआईए की जांच के अनुसार, उमर-उन-नबी 10 नवंबर को लाल किला में विस्फोटक से भरी कार चला रहा था। वह इस आतंकवादी हमले का षड्यंत्रकारी था। इस विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई थी। अब तक डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील राथेर, डॉ. शाहीन सईद समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह धमाका एक हुंडई आई 20 कार में हुआ था, जिसमें आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ड्राइविंग सीट पर था। विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। एनआईए की जांच से यह मामला एक बड़े आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ा लग रहा है, जिसमें फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर शामिल हैं।
एजेंसी का मानना है कि यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से लिंक है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें डॉ. मुजम्मिल शकील गनी, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और अन्य शामिल हैं।
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। जांच में विदेशी हैंडलरों के लिंक भी सामने आ रहे हैं। यह गिरफ्तारी मामले में बड़ा कदम मानी जा रही है और आगे और खुलासे होने की उम्मीद है। इस हमले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।