क्या 'समुद्र प्रताप' भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना एक ऐतिहासिक क्षण है?

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क्या 'समुद्र प्रताप' भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना एक ऐतिहासिक क्षण है?

सारांश

क्या आपको पता है कि 'समुद्र प्रताप' का भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण है? इस ऐतिहासिक क्षण के पीछे की कहानी जानें और समझें कि यह कैसे हमारे आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • समुद्र प्रताप भारतीय तटरक्षक बल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
  • यह भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
  • इसकी क्षमताएं समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगी।
  • यह भारतीय रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम की एक सफलता है।
  • यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को सुनिश्चित करेगा।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की समुद्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करते हुए, भारतीय तटरक्षक बल ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत आईसीजीएस 'समुद्र प्रताप' को आधिकारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया है। इस अवसर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लिए खास और ऐतिहासिक बताया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (आईसीजीएस) समुद्र प्रताप का कमीशन होना कई वजहों से महत्वपूर्ण है, जिसमें यह बात भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारे सुरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है और सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 'एक्स' पोस्ट को शेयर करते हुए इस जानकारी को साझा किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशनिंग समारोह में शामिल होकर इसे भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता की महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने 5 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा था, "गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाए गए भारत के पहले स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए प्रदूषण नियंत्रण पोत, भारतीय तटरक्षक जहाज समुद्र प्रताप के कमीशनिंग समारोह में शामिल हुआ। आईसीजीएस समुद्र प्रताप भारत के परिपक्व रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम का प्रतीक है। यह आज की समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए जीएसएल के आधुनिक दृष्टिकोण का परिणाम है।"

राजनाथ सिंह ने आगे लिखा था, "आईसीजी की बहुआयामी भूमिका ने हमारे दुश्मनों को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ और उचित जवाब दिया जाएगा। भारत एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति है, जो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करता है।"

आईसीजीएस समुद्र प्रताप का शामिल होना इसी दिशा में भारत का एक और सशक्त कदम माना जा रहा है।

समुद्र प्रताप के शामिल होने से प्रदूषण नियंत्रण, आग बुझाने, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में काफी वृद्धि होगी। यह भारत के विशाल समुद्री क्षेत्रों में विस्तारित निगरानी और प्रतिक्रिया मिशन चलाने की इसकी क्षमता को भी मजबूत करेगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि 'समुद्र प्रताप' का भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल हमारे देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक सशक्त प्रयास है। हमें अपने रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

आईसीजीएस समुद्र प्रताप क्या है?
आईसीजीएस समुद्र प्रताप भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत है, जो भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोत के बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आत्मनिर्भरता का प्रतीक और भारत की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाला बताया।
इस पोत के शामिल होने से क्या लाभ होंगे?
इस पोत के शामिल होने से प्रदूषण नियंत्रण, आग बुझाने, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता में वृद्धि होगी।
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