क्या दिल्ली के द्वारका में एएटीएस ने सद्दाम गौरी गैंग के आरोपियों को गिरफ्तार किया?

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क्या दिल्ली के द्वारका में एएटीएस ने सद्दाम गौरी गैंग के आरोपियों को गिरफ्तार किया?

सारांश

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई में सद्दाम गौरी गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार हुए।
  • गिरफ्तारी से अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी।
  • पुलिस की सक्रियता से अपराध की रोकथाम में मदद मिल रही है।
  • गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
  • मामले की आगे की जांच जारी है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। टीम ने सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े एक अपराधी और हथियारों के सप्लायर सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अपराध की रोकथाम और अवैध हथियारों की आपूर्ति चेन को तोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी (37) और निशांत (21) के रूप में हुई है। रवि, सद्दाम गौरी गैंग का सदस्य है और उसके खिलाफ पहले से ही 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। निशांत ने रवि को अवैध हथियार उपलब्ध कराया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डीसीपी द्वारका जिला के निर्देशानुसार एएटीएस टीम को अपराध की पहचान और उसकी रोकथाम के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में गैंग से जुड़े व्यक्तियों और वसूली गतिविधियों में संलिप्त संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी।

इस अभियान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें सब-इंस्पेक्टर धनंजय, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, राकेश कुमार, घनश्याम और कांस्टेबल अरविंद शामिल थे। टीम की निगरानी इंस्पेक्टर कमलेश कुमार और एसीपी ऑपरेशंस रविंदर अहलावत कर रहे थे।

पुलिस को 11 जनवरी को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर टीम ने रवि को एक लोडेड देसी पिस्तौल के साथ पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान हथियार के स्रोत के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर निशांत को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि वह पहले से 14 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और हिरासत के दौरान उसकी पहचान सद्दाम गौरी गैंग के सदस्यों से हुई थी। जल्दी पैसा कमाने के लालच में वह गैंग से जुड़ गया और स्थानीय ड्रग पैडलरों और अवैध शराब कारोबारियों से वसूली की योजना बना रहा था। इसी उद्देश्य से उसने निशांत से हथियार प्राप्त किए थे।

रवि उत्तम नगर के ओम विहार फेज-3 का निवासी है, जबकि निशांत हस्ता सल रोड स्थित जे.जे. कॉलोनी का निवासी है। इस मामले में पुलिस थाना उत्तम नगर में एफआईआर नंबर 25/26, दिनांक 11 जनवरी, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Point of View

जो समाज में सुरक्षा की भावना को बढ़ाएगी।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

एएटीएस ने किस गैंग से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया?
एएटीएस ने सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपियों से दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
रवि की पहचान क्या है?
रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी की पहचान हुई है, जो सद्दाम गौरी गैंग का सदस्य है।
क्या पुलिस की कार्रवाई के पीछे कोई गुप्त सूचना थी?
हाँ, पुलिस को 11 जनवरी को एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने किस धाराओं के तहत मामला दर्ज किया?
पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया है।
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