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दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स सेल ने फर्जी कॉल सेंटर का किया खुलासा, 12 आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स सेल ने फर्जी कॉल सेंटर का किया खुलासा, 12 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली में एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जिसे संचालित करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ।
12 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
ग्राहकों को फर्जी पॉलिसी बेचकर धोखा दिया जा रहा था।
पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के मध्य जिले के रणजीतनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गुरु अर्जुननगर में एक फर्जी कॉल सेंटर का एंटी-नारकोटिक्स सेल ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है।

गुप्त सूचना के आधार पर एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीम ने गुरु अर्जुननगर में स्थित रतनलाल कॉम्प्लेक्स पर छापा मारा, जहां एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। पुलिस ने वहां से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 2 मालिक और 10 टेलीकॉलर शामिल हैं। कॉल सेंटर के मालिक सौरभ (28) निवासी पांडवनगर और शाहनवाज निवासी शादीपुर हैं, जबकि टेली-कॉलर्स में अंजलि, कशिश, रजनी, गनमैन, पूजा, कविता, मंजू, रक्षा, इमरान और अनु शामिल हैं।

जांच में पता चला कि आरोपी “आरडी सर्विसेज” नामक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे और ग्राहकों को फर्जी रोड साइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर ठगी कर रहे थे। कॉल करने वाले ग्राहक से कभी बेतरतीब तो कभी डाटा के माध्यम से संपर्क करते थे। इसके बाद वे झूठी जानकारी देते थे कि भारत में वाहन संबंधी किसी भी समस्या में ग्राहक को एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर मदद मिल सकती है।

ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) की पेशकश की और कहा कि उन्हें एक प्लास्टिक पॉलिसी कार्ड प्राप्त होगा। ग्राहकों को कार्ड मिलने पर डिलीवरी करने वाले व्यक्ति को भुगतान करने का निर्देश देते थे। आरोपी प्रति पॉलिसी 3 से 4 हजार रुपए की वसूली करते थे।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे पिछले छह महीनों से इस फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे। उन्होंने जानबूझकर ग्राहकों को दिए गए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर के रूप में कीपैड वाले मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। जब पॉलिसी बिक जाती थी और पैसे मिल जाते थे, तो वे ग्राहकों के कॉल रिसीव नहीं करते और उन्हें कोई सहायता नहीं देते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके पास इस तरह की सेवा चलाने के लिए कोई वैध पंजीकरण नहीं था।

एंटी-नारकोटिक्स सेल ने मौके से एक कंप्यूटर सिस्टम, फर्जी प्लास्टिक पॉलिसी कार्ड, ग्राहक डेटा शीट और कॉल करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को बरामद वस्तुओं के साथ रणजीत नगर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया। इसके बाद रणजीत नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस कॉल सेंटर में आरोपी क्या कर रहे थे?
आरोपी फर्जी रोड साइड असिस्टेंस पॉलिसी बेचकर ग्राहकों को धोखा दे रहे थे।
कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या आरोपियों के पास वैध पंजीकरण था?
नहीं, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके पास इस तरह की सेवा संचालित करने के लिए कोई वैध पंजीकरण नहीं था।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने मौके से कंप्यूटर सिस्टम, फर्जी पॉलिसी कार्ड, ग्राहक डेटा शीट और मोबाइल फोन बरामद किए।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
रणजीत नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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