15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट: लाल किले के पास ट्रैफिक डायवर्जन, 20,000 से अधिक लोगों का सत्यापन
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। लाल किले के आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया गया है, भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्र में 20,000 से अधिक लोगों की पृष्ठभूमि जाँच और सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन
सेंट्रल रेंज के डीसीपी (ट्रैफिक) निशांत गुप्ता ने बताया कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे और बड़ी संख्या में वीआईपी अतिथि उपस्थित रहेंगे। इसे देखते हुए नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, निषादराज मार्ग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग, एस्प्लेनेड रोड, किला घाट रोड और रिंग रोड/मोएट रोड सहित लाल किले के निकटवर्ती सड़कें सुबह 4 बजे से 11 बजे तक आम यातायात के लिए बंद रहेंगी।
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 14 अगस्त की रात 10 बजे से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक दिल्ली की सड़कों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चांदनी चौक क्षेत्र की सड़कें भी इस अवधि में बंद रहेंगी, हालाँकि दुकानों, बाज़ारों और शॉपिंग मॉल पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
डीटीसी बसों का मार्ग परिवर्तन
गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंध की अवधि में प्रभावित मार्गों पर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसें और अन्य बसें नहीं चलेंगी। इन बसों के समापन बिंदु रामलीला मैदान और तीस हजारी कोर्ट पर स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। आमंत्रित मेहमानों की सुविधा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों को गूगल मैप्स पर चिह्नित किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर रियल-टाइम अपडेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
सेंट्रल के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि लाल किले के भीतर और आसपास बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, "हमने बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। दिल्ली पुलिस ही नहीं, बल्कि अन्य एजेंसियों के बल भी तैनात किए गए हैं। जनशक्ति के अलावा हमने कई तकनीकी उन्नयन भी किए हैं। हम हर साल नए उपाय लागू करते हैं और इस साल हमने ड्रोन रोधी प्रणाली में नए फीचर जोड़े हैं।"
सिंह ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्र में रहने या काम करने वाले 20,000 से अधिक लोगों की जाँच और सत्यापन पूरा किया जा चुका है। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
देश के अन्य हिस्सों में भी सतर्कता
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियाँ 80वें स्वतंत्रता दिवस के मद्देनज़र सतर्क हैं। असम के डिब्रूगढ़ में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जन जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष मोटरसाइकिल रैली आयोजित की। जम्मू और कश्मीर में नरबल-गुलमर्ग राजमार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कई चौकियों पर वाहनों एवं यात्रियों की गहन जाँच जारी है।
गौरतलब है कि लाल किला हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर देश की सबसे संवेदनशील सुरक्षा परिधि बन जाता है, और इस बार तकनीकी निगरानी के नए आयाम जोड़े जाने से सुरक्षा ढाँचा और अधिक सुदृढ़ हुआ है।