क्या दिल्ली हाईकोर्ट में दुष्यंत गौतम के मानहानि मामले की सुनवाई होगी, 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा?

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क्या दिल्ली हाईकोर्ट में दुष्यंत गौतम के मानहानि मामले की सुनवाई होगी, 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा?

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट में दुष्यंत गौतम का मानहानि मामला एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विवाद बन गया है। क्या यह मामला उनकी छवि को और भी प्रभावित करेगा? जानिए इस चर्चित मामले के बारे में और अधिक जानकारी।

Key Takeaways

  • दिल्ली हाईकोर्ट में दुष्यंत गौतम का मानहानि मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
  • दुष्यंत गौतम ने 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
  • यह मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा हुआ है।
  • सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाएं गंभीर परिणाम पैदा कर सकती हैं।
  • राजनीतिक लाभ के लिए गलत आरोप लगाना एक बड़ी चुनौती है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम द्वारा दायर मानहानि मामले की सुनवाई होने वाली है। यह मामला उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित है, जिसमें सोशल मीडिया पर दुष्यंत गौतम का नाम विवादित किया गया था।

दुष्यंत गौतम का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार के उनका नाम इस मामले में जोड़ा गया, जिससे उनकी छवि को गंभीर हानि पहुंची है। दुष्यंत गौतम की ओर से वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने दिल्ली हाईकोर्ट से मामले की त्वरित सुनवाई की अपील की थी।

उन्होंने तर्क दिया कि सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानों के माध्यम से निरंतर आपत्तिजनक और मानहानिकारक बातें फैलाई जा रही हैं, जिनका तुरंत संज्ञान लिया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस, आप और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक लाभ के लिए कुछ दलों और नेताओं ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर उनका नाम उछाला और उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने का प्रयास किया। दुष्यंत गौतम का कहना है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उन्हें बदनाम किया गया।

अपनी याचिका में दुष्यंत गौतम ने कोर्ट से मांग की है कि उनके खिलाफ डाले गए सभी मानहानिकारक कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने 2 करोड़ का हर्जाना भी मांगा है। उनका कहना है कि इस तरह के झूठे आरोपों से न केवल उनकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचा है, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। सितंबर 2022 में 19 साल की अंकिता भंडारी, जो एक होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत थीं, की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भाजपा के पूर्व नेता के बेटे पुलकित आर्य को मुख्य आरोपी बनाया गया था। निचली अदालत ने इस मामले में पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

Point of View

बल्कि अन्य राजनीतिक व्यक्तियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

दुष्यंत गौतम ने मानहानि का मुकदमा क्यों दायर किया?
दुष्यंत गौतम ने बिना आधार के नाम जोड़े जाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के कारण मानहानि का मुकदमा दायर किया।
अंकिता भंडारी हत्याकांड क्या है?
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में एक चर्चित मामला है, जिसमें एक युवा रिसेप्शनिस्ट की हत्या का आरोप भाजपा के पूर्व नेता के बेटे पर लगा है।
दिल्ली हाईकोर्ट का इस मामले में क्या निर्णय हो सकता है?
दिल्ली हाईकोर्ट मामले की सुनवाई के बाद उचित निर्णय करेगी, जिसमें दुष्यंत गौतम की याचिका पर विचार किया जाएगा।
दुष्यंत गौतम ने कितने रुपये का हर्जाना मांगा है?
दुष्यंत गौतम ने 2 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है।
क्या इस मामले का राजनीतिक प्रभाव हो सकता है?
हां, यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और इसके परिणाम भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
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