दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति बिक्री पर रोक लगाई, समायरा-कियान के हितों की सुरक्षा

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दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति बिक्री पर रोक लगाई, समायरा-कियान के हितों की सुरक्षा

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति को लेकर एक अहम अंतरिम आदेश दिया है — प्रिया कपूर न तो कोई संपत्ति बेच सकती हैं, न ट्रांसफर कर सकती हैं, न ही क्रिप्टोकरेंसी। जस्टिस ज्योति सिंह ने साफ कहा कि वसीयत की असलियत ट्रायल में तय होगी, तब तक संपत्ति सुरक्षित रहेगी।

Key Takeaways

दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को आदेश दिया कि संजय कपूर की संपत्ति तब तक नहीं बेची जा सकती जब तक बच्चों का मामला लंबित है। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा — "संपत्ति को खत्म नहीं किया जाना चाहिए, बचाकर रखने की जरूरत है।" प्रिया कपूर पर संपत्ति बेचने, ट्रांसफर करने, गिरवी रखने और क्रिप्टोकरेंसी के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध। करिश्मा कपूर और संजय कपूर की माँ ने वसीयत की प्रामाणिकता पर संदेह जताया; वैधता साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया कपूर पर। बैंक खातों के सभी लेनदेन की जानकारी कोर्ट को देने की जिम्मेदारी भी प्रिया कपूर की होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि दिवंगत संजय कपूर की किसी भी संपत्ति को तब तक नहीं बेचा जा सकता, जब तक उनके बच्चों समायरा और कियान द्वारा दायर मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनके दोनों बच्चों को इस फैसले से बड़ी कानूनी राहत मिली है। कोर्ट ने संजय कपूर के बैंक खातों को फ्रीज करने और उनकी संपत्तियों के हस्तांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश भी दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा, "संपत्ति को खत्म नहीं किया जाना चाहिए — संपत्ति को बचाकर रखने की जरूरत है।" कोर्ट ने यह टिप्पणी इस आशंका के मद्देनज़र की कि यदि ट्रायल स्तर पर वसीयत जाली साबित होती है, तो समायरा और कियान के हितों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। कोर्ट ने प्रिया कपूर को किसी भी संपत्ति को बेचने, ट्रांसफर करने, गिरवी रखने या किसी भी रूप में परिवर्तित करने से रोक दिया है।

वसीयत की वैधता पर विवाद

करिश्मा कपूर और संजय कपूर की माँ ने संजय द्वारा छोड़ी गई वसीयत की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है। कोर्ट ने कहा कि वसीयत की असलियत अब ट्रायल का विषय है और इस बीच वसीयतकर्ता की संपत्ति सुरक्षित रखना न्यायसंगत है। अब वसीयत की वैधता प्रमाणित करने की जिम्मेदारी प्रिया कपूर पर डाली गई है। गौरतलब है कि यह मामला न केवल पारिवारिक संपत्ति विवाद है, बल्कि नाबालिग उत्तराधिकारियों के अधिकारों की दृष्टि से भी एक अहम न्यायिक प्रसंग बन सकता है।

संपत्ति और बैंक खातों पर रोक

कोर्ट ने संजय कपूर के सभी बैंक खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा भारतीय कंपनियों में उनकी इक्विटी या शेयरहोल्डिंग को अलग करने, ट्रांसफर करने और गिरवी रखने पर भी पाबंदी लगाई गई है। प्रिया कपूर को विदेशी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के संचालन से भी रोका गया है — यानी वे न तो क्रिप्टो बेच सकती हैं और न ही उसे ट्रांसफर कर सकती हैं।

बैंक लेनदेन की जवाबदेही

कोर्ट ने आदेश दिया कि बैंक खातों के सभी लेनदेन की जानकारी नियमित रूप से कोर्ट को देनी होगी और इसकी जिम्मेदारी प्रिया कपूर की होगी। यह प्रावधान इसलिए जोड़ा गया है ताकि मामले की सुनवाई के दौरान संपत्ति का कोई भी हिस्सा गायब न हो सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बैंक खातों पर निगरानी रखी जाएगी।

आगे क्या होगा

यह मामला अब ट्रायल कोर्ट स्तर पर आगे बढ़ेगा, जहाँ वसीयत की प्रामाणिकता की विस्तृत जाँच होगी। कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से समायरा और कियान के हितों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित हो गई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रायल के दौरान वसीयत की वैधता को लेकर कौन से तथ्य सामने आते हैं।

Point of View

NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति पर क्या आदेश दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को आदेश दिया कि संजय कपूर की कोई भी संपत्ति तब तक नहीं बेची जा सकती जब तक उनके बच्चों समायरा और कियान द्वारा दायर मामले का निपटारा नहीं हो जाता। कोर्ट ने बैंक खाते फ्रीज करने और क्रिप्टोकरेंसी के संचालन पर भी रोक लगाई।
प्रिया कपूर पर क्या प्रतिबंध लगाए गए हैं?
प्रिया कपूर संजय कपूर की कोई भी संपत्ति बेच नहीं सकतीं, ट्रांसफर नहीं कर सकतीं, गिरवी नहीं रख सकतीं और न ही भारतीय कंपनियों में उनकी इक्विटी या शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव कर सकती हैं। विदेशी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
संजय कपूर की वसीयत पर विवाद क्यों है?
करिश्मा कपूर और संजय कपूर की माँ ने वसीयत की प्रामाणिकता पर संदेह जताया है। कोर्ट ने माना कि वसीयत की असलियत ट्रायल में तय होगी और तब तक संपत्ति सुरक्षित रखना जरूरी है। वसीयत की वैधता साबित करने की जिम्मेदारी अब प्रिया कपूर पर है।
करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान इस मामले में कैसे प्रभावित हैं?
समायरा और कियान ने अपने पिता संजय कपूर की वसीयत की वैधता को चुनौती देते हुए कोर्ट में मामला दायर किया है। हाईकोर्ट ने माना कि यदि ट्रायल में वसीयत जाली साबित होती है तो इन बच्चों के साथ अन्याय होगा, इसलिए तब तक संपत्ति सुरक्षित रखना जरूरी है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मामला अब ट्रायल कोर्ट स्तर पर आगे बढ़ेगा जहाँ वसीयत की प्रामाणिकता की विस्तृत जाँच होगी। तब तक दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश लागू रहेगा और प्रिया कपूर संपत्ति से संबंधित कोई भी लेनदेन नहीं कर सकतीं।
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