क्या दिल्ली के आर्थिक विकास में योगदान देने वाले हर वर्ग को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली के आर्थिक विकास में योगदान देने वाले हर वर्ग को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है?

सारांश

दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का पंजीकरण पूरा होने से व्यापारियों के हितों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस बोर्ड के माध्यम से 8 लाख व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सरकार तक पहुँचेंगे। जानिए इस नए विकास के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन व्यापारियों के हितों को सशक्त करेगा।
सरकार व्यापारियों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं को एक संगठित तरीके से सरकार तक पहुँचाएगा।
कई लाभकारी योजनाएं लागू की जाएंगी।
दिल्ली को विश्व स्तरीय औद्योगिक केंद्र बनाने का लक्ष्य है।

नई दिल्‍ली, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का पंजीकरण पूरा हो गया है। यह बोर्ड अब राजधानी के 8 लाख से अधिक व्यापारियों की समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को एक संगठित व्यवस्था के माध्यम से सरकार तक पहुँचाने का कार्य करेगा। इस अवसर पर उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस बोर्ड का गठन व्यापारिक समाज के हितों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उद्योग विभाग और डीएसआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री ने बोर्ड के गठन की जानकारी दी और औद्योगिक ढांचे, पर्यावरण प्रबंधन और व्यापार सुगमता से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में लंबित औद्योगिक क्षेत्रों के ओएंडएम टेंडर, पटपड़गंज, बापरौला, रानीखेड़ा और कंझावला जैसे औद्योगिक इलाकों के विकास कार्यों की स्थिति, फ्रीहोल्ड पॉलिसी, ई-वेस्ट प्लांट की प्रगति और आगामी ग्लोबल इंडस्ट्रियल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों पर चर्चा की गई।

सिरसा ने कहा कि यह बोर्ड व्यापारियों के हितों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार व्यापारियों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कारोबार करना और आसान हो सके।

नया दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड मुख्य रूप से दिल्ली सरकार और व्यापारियों के बीच संवाद को मजबूत करने, अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यापार में आसानी बढ़ाने का कार्य करेगा। इसके अलावा, व्यापारियों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए नीतियों की पहचान और सिफारिश करना, ट्रेडर्स वेलफेयर फंड के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है।

उद्योग मंत्री ने बताया कि व्यापारियों के लिए कई लाभकारी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें सलाहकारी सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में प्रतिनिधित्व के अवसर शामिल हैं।

दिल्ली के औद्योगिक विकास पर बात करते हुए सिरसा ने कहा कि हम दिल्ली को एक विश्व स्तरीय औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए एक सशक्त और आधुनिक इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं।

बैठक में दिल्ली सिंगल विंडो सिस्टम की प्रगति भी साझा की गई, जिसका उद्देश्य एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 80 श्रेणियों की 400 से अधिक सेवाओं को प्रदान करके कारोबार की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फ्रीहोल्ड पॉलिसी, ग्लोबल इंडस्ट्रियल इन्वेस्टर समिट और औद्योगिक क्षेत्रों की तैयारियों से संबंधित कार्य समय पर पूरे करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें सशक्त बनाने में भी मदद करेगा। इसके माध्यम से दिल्ली की सरकार व्यापारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जो आर्थिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का उद्देश्य क्या है?
इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य राजधानी के व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को एक संगठित तरीके से सरकार तक पहुँचाना है।
कितने व्यापारी इस बोर्ड के तहत आते हैं?
इस बोर्ड के तहत दिल्ली के 8 लाख से अधिक व्यापारी आते हैं।
क्या योजनाएं व्यापारियों के लिए उपलब्ध होंगी?
हां, व्यापारियों के लिए सलाहकारी सेवाएं, मेंटरशिप कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में प्रतिनिधित्व के अवसर उपलब्ध होंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले