क्या दिल्ली में फर्जी 'पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट' गिरफ्तार हुआ? शादी का झांसा देकर युवती से 70,000 रुपए ठगे

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क्या दिल्ली में फर्जी 'पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट' गिरफ्तार हुआ? शादी का झांसा देकर युवती से 70,000 रुपए ठगे

सारांश

दिल्ली में एक युवक ने खुद को पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताकर एक युवती को शादी का झांसा70,000 रुपए ठग लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही उसके पास से फर्जी पहचान पत्र और आर्मी की वर्दी भी बरामद की। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।
अपनी पहचान की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
पुलिस को तुरंत सूचना देने से समस्या का समाधान किया जा सकता है।
कमजोरियों का फायदा उठाने वाले लोगों से बचना चाहिए।
शादी के प्रस्तावों में सावधानी बरतें।

नई दिल्ली, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के शाहदरा जिले के फर्श बाजार थाना क्षेत्र में एक युवती को शादी का झांसा देकर 70,000 रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने खुद को पैरा कमांडो लेफ्टिनेंट बताकर युवती को शादी का झांसा देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से आर्मी की वर्दी और फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है।

1 सितंबर को फर्श बाजार थाने में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। दमिनी (28) निवासी भोलानाथ नगर ने बताया कि एक युवक ने खुद को सेना का लेफ्टिनेंट बताकर उससे शादी का वादा किया और फिर पैसे ठग लिए। शिकायत मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई।

एसएचओ फर्श बाजार इंस्पेक्टर अजय करण शर्मा के नेतृत्व में और एसीपी संजय कुमार की निगरानी में एसआई विनय, एएसआई शिव कुमार सोलंकी और कांस्टेबल विक्रांत की टीम ने जांच शुरू की।

युवती नोएडा में एक मेडिकल स्टोर चलाती हैं। कुछ समय पहले शादी समारोह में उसकी मुलाकात आरोपी दीपांशु, निवासी संजीव नगर, कानपुर (23 वर्ष) से हुई।

दीपांशु ने खुद को पैरा कमांडो में लेफ्टिनेंट बताया। वह कई बार आर्मी की यूनिफॉर्म में दमिनी से मिलने आया और उसका भरोसा जीत लिया।

धीरे-धीरे उसने पैसों की मांग शुरू की। दमिनी ने कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए करीब 70,000 रुपए दिए, लेकिन बाद में उसे शक होने लगा। 1 सितंबर को जब दीपांशु मिलने आया तो दमिनी ने पीसीआर कॉल कर दी। पुलिस ने 2 सितंबर को मामला दर्ज कर आरोपी दीपांशु को गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में सामने आया कि दीपांशु का पिता सेना में हवलदार रह चुके हैं। दीपांशु ने एनडीए की परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हो सका। डर के मारे उसने परिवार से झूठ बोल दिया कि उसका चयन हो गया है और वह ट्रेनिंग के लिए खड़कवासला जा रहा है।

उसने ऑनलाइन पोर्टल से एक पासआउट लिस्ट निकाली, जिसमें दीपांशु नाम का जिक्र था। उसने अपने परिवार को वह लिस्ट दिखा दी, उसके बाद वह कानपुर में इधर-उधर छोटे-मोटे काम करता रहा। शादी में दमिनी से मिला और वही झूठ दोहराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब बात रिश्तों और पैसों की हो। समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। हमें सतर्क रहना चाहिए और किसी पर भी बिना सोचे-समझे विश्वास नहीं करना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आरोपी की पहचान मिली है?
हाँ, आरोपी का नाम दीपांशु है और वह कानपुर का निवासी है।
पुलिस ने आरोपी को कब गिरफ्तार किया?
पुलिस ने 2 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार किया।
क्या युवक ने सेना में भर्ती होने का प्रयास किया था?
हाँ, उसने एनडीए की परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हो सका।
महिला ने कितने पैसे खोए?
महिला ने करीब 70,000 रुपए खोए।
क्या आरोपी ने आर्मी की वर्दी पहनी थी?
हाँ, आरोपी ने कई बार आर्मी की वर्दी पहनकर युवती से मुलाकात की।
राष्ट्र प्रेस
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