क्या दिल्ली में आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है? : आम आदमी पार्टी

सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
- सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या ने चिंता बढ़ा दी है।
- आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला किया है।
- पुलिस की लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप मुख्य कारण हैं।
- आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बवाल मच गया है। शुक्रवार रात को कालकाजी मंदिर में सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई। इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर तीखा हमला किया है।
इस घटना पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''अब मंदिर के अंदर भी हत्या होने लगी है। पिछले छह-सात महीनों में भाजपा की सभी सरकारों ने दिल्ली का क्या हाल कर दिया है? कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले क्या बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं?''
दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सेवादार को केवल प्रसाद में चुन्नी नहीं देने पर मौत के घाट उतार दिया गया।
उन्होंने कहा, ''दिल्ली में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। पुलिस केवल राजनीतिक कार्यों में व्यस्त है और चोर-गुंडे, गैंगस्टर पुलिस से बिल्कुल नहीं डरते। हम पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करके इस मामले पर जवाब मांगेंगे।''
वहीं, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, ''कालकाजी मंदिर में सेवादार योगेंद्र सिंह की हत्या ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधियों को न पुलिस का डर है, न कानून का। आज दिल्ली जंगलराज में बदल चुकी है, जहां आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।''
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) लंबे समय से दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरेआम हत्या, लूट, छिनतई, अपहरण और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन, सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।