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दिल्ली में एएटीएस ने दो वाहन चोरों को क्यों किया गिरफ्तार, बरामद की चार चोरी की गाड़ियां?

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दिल्ली में एएटीएस ने दो वाहन चोरों को क्यों किया गिरफ्तार, बरामद की चार चोरी की गाड़ियां?

सारांश

दिल्ली के शाहदरा में एएटीएस ने सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दो कुख्यात चोरों को गिरफ्तार कर चार चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं। जानिए इस कार्रवाई की पूरी कहानी और चोरों के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाओं में वृद्धि एएटीएस की सक्रियता और गिरफ्तारी आर्थिक तंगी के कारण युवा चोरी की ओर आकर्षित पुलिस की योजनाबद्ध कार्रवाई चोरों के गिरोह की पहचान करने की कोशिश

नई दिल्ली, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में बढ़ती चार पहिया वाहन चोरी की घटनाओं के मद्देनजर, एएटीएस की टीम ने सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने दो कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार कर चार चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं।

28 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि दो चोर चोरी की शेवरले बीट कार के साथ आनंद विहार बस अड्डा से सीमापुरी रोड की ओर आने वाले हैं। सूचना के बाद, पुलिस ने फ्लाईओवर के नीचे दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इनकी निशानदेही पर चोरी की गई शेवरले बीट कार बरामद हुई, जो एक महीने पहले केशव पुरम थाना क्षेत्र से चुराई गई थी।

इन आरोपियों की पहचान आशिफ उर्फ आसिफ (22) और फैसल (28) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के विभिन्न इलाकों से चोरी की गई गाड़ियों को बेचते थे।

पूछताछ में पता चला कि आशिफ उर्फ आसिफ आर्थिक तंगी के कारण वाहन चोरी में शामिल हुआ। उसने बताया कि पहले वह एक ऑटो चालक था, लेकिन किसी वजह से उसे रोजगार नहीं मिल पाया और वह हसन नामक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उसे गाड़ियों की चोरी करने की योजना बनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, आसिफ ने अपने साथी फैसल के साथ मिलकर चोरी की गाड़ियों को बेचने का काम शुरू किया।

वहीं, फैसल ने बताया कि उसने पहले मोटरसाइकिलें चुराई थीं और बाद में गाड़ियों की चोरी में शामिल हुआ। उसे विभिन्न स्थानों से गाड़ियां चुराने के लिए अच्छे पैसे मिलते थे, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।

पुलिस के अनुसार, आशिफ और फैसल दोनों पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल रहे हैं। आशिफ पर 7 से अधिक और फैसल पर 16 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस की टीम यह भी पता लगा रही है कि इन्होंने इससे पहले भी जो गाड़ियां चोरी की थीं, उन्हें कहां बेचा है और इनके गिरोह में कौन-कौन शामिल है।

पुलिस ने बताया कि इन दोनों आरोपियों की तलाश काफी दिनों से की जा रही थी। जल्द ही सभी गाड़ियों को बरामद कर लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस और जांच एजेंसियों की तत्परता से अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। हमें इस तरह की घटनाओं के प्रति सजग रहना चाहिए और समाज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में वाहन चोरी की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के कारण युवा वाहन चोरी की ओर रुख कर रहे हैं।
पुलिस ने कितनी गाड़ियों को बरामद किया?
पुलिस ने चार चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं।
आरोपी कैसे पकड़े गए?
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान आशिफ उर्फ आसिफ और फैसल के रूप में हुई है।
क्या पुलिस इन चोरों के गिरोह का पता लगा रही है?
हाँ, पुलिस इन चोरों के गिरोह और उनके द्वारा बेची गई गाड़ियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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