दिल्ली: एसिड हमले के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने प्रस्तुत किया नया रोडमैप

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दिल्ली: एसिड हमले के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने प्रस्तुत किया नया रोडमैप

सारांश

राष्ट्रीय महिला आयोग ने एसिड हमले से बचे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें जारी की हैं, जो बेहतर चिकित्सा और न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करती हैं। जानिए आयोग की नई योजनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • एसिड हमले के पीड़ितों के लिए व्यापक चिकित्सा और न्याय प्रणाली।
  • गोल्डन ऑवर प्रोटोकॉल का कार्यान्वयन।
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक काउंसलिंग सेवाएं।
  • आर्थिक सहायता के लिए समान मुआवजा नीति।
  • एसिड बिक्री पर कड़े नियमों का कार्यान्वयन।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय महिला आयोग ने देशभर में एसिड हमले के पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा, त्वरित न्याय और प्रभावी पुनर्वास प्रदान करने के लिए एक व्यापक सिफारिशें जारी की हैं। ये सिफारिशें गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को प्रेषित की गई हैं।

यह प्रस्ताव 16 जनवरी 2026 को आयोजित ''नवजीवन: ए कंसल्टेशन ऑन केयर, जस्टिस एंड डिग्निटी फॉर एसिड अटैक सर्वाइवर्स'' नामक राउंडटेबल बैठक के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण रखते हुए स्वास्थ्य, कानून, आर्थिक सहायता और सामाजिक समावेशन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयोग ने सभी अस्पतालों में ''गोल्डन ऑवर प्रोटोकॉल'' लागू करने की सिफारिश की है, ताकि पीड़ितों को समय पर चिकित्सा मिल सके। इसके साथ ही, जीवनभर मुफ्त इलाज, पुनर्निर्माण सर्जरी और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है।

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में, आयोग ने जिला और राज्य स्तर पर दीर्घकालिक काउंसलिंग सेवाएं शुरू करने और परिवार तथा समुदाय आधारित सहयोग तंत्र विकसित करने पर जोर दिया है।

न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामलों की तेज जांच और सुनवाई, आसान एफआईआर प्रक्रिया (जिसमें जीरो एफआईआर अनिवार्य हो), और विशेष कानूनी अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की है। इसके साथ ही संबंधित कानूनों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता भी जताई गई है।

आर्थिक सहायता के तहत, आयोग ने पूरे देश में एक समान मुआवजा नीति लागू करने, समय पर सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरित करने और गंभीर मामलों में अधिक मुआवजा देने का सुझाव दिया है। इसके अलावा मासिक पेंशन और पारदर्शी ऑनलाइन शिकायत प्रणाली की भी चर्चा की गई है।

पुनर्वास और रोजगार के क्षेत्र में, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। आयोग ने निजी क्षेत्र को भी पीड़ितों को रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की सिफारिश की है।

सामाजिक समावेशन के लिए, जागरूकता अभियान चलाने, भेदभाव समाप्त करने और पीड़ितों को नीति निर्माण में शामिल करने पर बल दिया गया है। साथ ही उन्हें शिक्षा, नौकरी और समाज में समान अवसर प्रदान करने की बात की गई है।

आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि एसिड हमले के पीड़ितों को दिव्यांगता कानून के तहत मान्यता दी जाए, जिससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों का आसानी से लाभ उठा सकें।

प्रशासनिक स्तर पर, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय इकाइयों की स्थापना, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और मंत्रालयों के बीच नियमित समीक्षा की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही सीएसआर फंड के उपयोग का भी सुझाव दिया गया है।

रोकथाम के लिए, एसिड की बिक्री पर कड़े नियम लागू करने, दुकानदारों के लिए रिकॉर्ड रखना अनिवार्य करने और कानूनों में आवश्यक संशोधन करने की सिफारिश की गई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे एफआईआर, इलाज और मुआवजे से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। आयोग ने संबंधित मंत्रालयों से इन सिफारिशों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि एसिड हमले से बचे लोग सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जी सकें।

Point of View

बल्कि न्याय और सामाजिक समावेशन के लिए भी एक नया मार्ग प्रशस्त करता है। यह सभी मंत्रालयों के समन्वय से ही संभव हो सकेगा।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

राष्ट्रीय महिला आयोग की नई सिफारिशें किसके लिए हैं?
ये सिफारिशें एसिड हमले से बचे पीड़ितों के लिए बेहतर चिकित्सा, न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए हैं।
गोल्डन ऑवर प्रोटोकॉल क्या है?
गोल्डन ऑवर प्रोटोकॉल का उद्देश्य पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता प्रदान करना है।
आयोग ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या सिफारिश की है?
आयोग ने दीर्घकालिक काउंसलिंग सेवाओं और परिवार एवं समुदाय आधारित सहयोग तंत्र विकसित करने पर जोर दिया है।
आर्थिक सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
आर्थिक सहायता के तहत, समान मुआवजा नीति और मासिक पेंशन का सुझाव दिया गया है।
रोकथाम के लिए क्या सिफारिशें की गई हैं?
एसिड की बिक्री पर कड़े नियम और दुकानदारों के लिए रिकॉर्ड रखना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है।
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