क्या आशीष सूद ने छात्र की आत्महत्या के बाद सेंट कोलंबा स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र लिखा?

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क्या आशीष सूद ने छात्र की आत्महत्या के बाद सेंट कोलंबा स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र लिखा?

सारांश

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सेंट कोलंबा स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने छात्र की आत्महत्या के बाद शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह पत्र एक चिंतित माता-पिता के दृष्टिकोण से लिखा गया है, जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

छात्रों के लिए सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण आवश्यक है।
भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करना चाहिए।
शिक्षकों का प्रशिक्षण मानसिक स्वास्थ्य पर होना चाहिए।
बच्चों को कभी भी उपेक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।
समाज को बच्चों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

नई दिल्ली, २४ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सेंट कोलंबा स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूल के प्रिंसिपल रॉबर्ट फर्नांडीस को एक पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पत्र केवल एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक चिंतित माता-पिता के रूप में लिखा गया है।

पत्र में आब्राहम लिंकन के प्रसिद्ध पत्र का उल्लेख करते हुए, आशीष सूद ने कहा कि बच्चों को ताकत और नम्रता दोनों के साथ पढ़ाना आवश्यक है। लिंकन के शब्द, "उन्हें सभी लोगों की बात सुनना सिखाएं, लेकिन वह जो कुछ भी सुनता है, उसे सत्य के पर्दे पर फ़िल्टर करे" को आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक मार्गदर्शक दर्शन माना जाता है।

आशीष सूद ने स्कूलों से आग्रह किया कि वे अनुपालन से आगे बढ़ें और एक भावनात्मक रूप से सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और उत्तरदायी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के छात्रों को अभूतपूर्व दबाव का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सक्रिय सहायता प्रणालियों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करना अनिवार्य है। छात्रों में संकट की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर शिक्षकों का प्रशिक्षण और संवेदनशीलता आवश्यक है। छात्रों की खुशी, आत्मविश्वास और भलाई को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने आश्वासन दिया कि एनसीटी दिल्ली सरकार मानसिक-स्वास्थ्य ढांचे, परामर्श बुनियादी ढांचे और शिक्षक-प्रशिक्षण पहलों को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों स्कूलों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने सेंट कोलंबा स्कूल से इसकी आंतरिक समीक्षा और सरकार से किसी भी समर्थन की आवश्यकता पर प्रतिक्रिया मांगी है।

दसवीं कक्षा के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने को एक दिल दहला देने वाली चेतावनी बताते हुए, मंत्री ने कहा कि बच्चे की स्मृति को पूरे दिल्ली में प्रणालीगत सुधारों के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे स्कूलों में किसी भी बच्चे को कभी भी उपेक्षित या अनदेखा महसूस नहीं होना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशीष सूद ने पत्र में क्या कहा?
आशीष सूद ने पत्र में कहा कि बच्चों को ताकत और नम्रता दोनों के साथ पढ़ाया जाना चाहिए और उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ कदम उठाने की योजना बनाई है?
हाँ, आशीष सूद ने कहा कि एनसीटी दिल्ली सरकार मानसिक-स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए काम करने के लिए तैयार है।
सेंट कोलंबा स्कूल में छात्र की आत्महत्या के बाद क्या कदम उठाए जाएंगे?
स्कूल से आंतरिक समीक्षा और सुधारों के लिए आवश्यक समर्थन मांगा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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