क्या दिल्ली में मंदिर के सेवादार की हत्या ने कानून-व्यवस्था की हकीकत उजागर की?

सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
- सेवादार की हत्या ने सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है।
- आम आदमी पार्टी ने सीएम रेखा गुप्ता से इस्तीफा मांगा है।
- लोग अपने घरों और धार्मिक स्थलों पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
- दिल्ली पुलिस के अधिकारी अपराधियों को 'साहब' कहकर संबोधित कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के कालकाजी मंदिर में एक सेवादार की खूनी हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तीखा हमला किया है।
'आप' की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उनसे तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि योगेंद्र सिंह की बर्बर हत्या ने साबित कर दिया है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था का पूरी तरह से बट्टा लग चुका है। यदि सीएम रेखा गुप्ता दिल्लीवासियों को सुरक्षा नहीं दे सकतीं, तो उन्हें इस्तीफा
आतिशी ने पत्र में कहा कि मैं आपका ध्यान दिल्ली में निरंतर बिगड़ती कानून-व्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहती हूं। देश की राजधानी दिल्ली में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग अपने घर, बाजार और धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हाल ही में कालकाजी मंदिर में सेवा कर रहे एक सेवादार की 5-6 लोगों ने मामूली प्रसाद के झगड़े पर बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद हुई है। यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था की ध्वस्त स्थिति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि जब मैं आपको यह पत्र लिख रही हूं, समाचार आ रहा है कि एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर 5 करोड़ की रंगदारी न देने पर गोलीबारी हुई है। अगस्त महीने में ही कई ऐसी खौफनाक घटनाएं सामने आई हैं। 10 अगस्त को मैदानगढ़ी में ट्रिपल मर्डर हुआ, 8 अगस्त को अभिनेत्री हुमा कुरैशी के कज़िन असीफ कुरैशी की निजामुद्दीन में पार्किंग विवाद में हत्या कर दी गई। आईपी एक्सटेंशन में डिप्टी पुलिस कमिश्नर के दफ्तर से महज 200 मीटर की दूरी पर एक युवक को फोन और बैग लूटने की कोशिश में चाकू मारा गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये हालात केवल आम जनता तक सीमित नहीं हैं। हाल ही में खुद आपके ऊपर एक हमला हुआ। यदि मुख्यमंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना कीजिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारी खुद लॉरेंस बिश्नोई जैसे खतरनाक गैंगस्टर को 'साहब' कहकर संबोधित कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि दिल्ली पुलिस के लिए लॉरेंस जैसे अपराधी ही अब उनके 'साहब' बन गए हैं। दिल्ली की जनता पूछ रही है, कब तक लोग असुरक्षित रहेंगे? कब तक अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम देते रहेंगे?