दिल्ली-एनसीआर में 6 जून तक गर्मी से राहत, 1-2 जून को येलो अलर्ट; तापमान 40°C से नीचे रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जून 2026 को दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए पूर्वानुमान लगाया है कि 1 और 2 जून को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। विभाग के अनुसार 6 जून तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा, जिससे राजधानी और आसपास के शहरों के निवासियों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
1 जून को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर और शाम के समय हल्की से बहुत हल्की बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
2 जून को भी मौसम लगभग इसी तरह बने रहने का अनुमान है — अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस। इस दिन भी दोपहर-शाम में गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश की येलो अलर्ट चेतावनी बरकरार है।
3 से 4 जून: बारिश की संभावना, कोई विशेष चेतावनी नहीं
3 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार इस दिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, हालांकि कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है।
4 जून को भी अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। इस दिन भी बारिश की संभावना है, लेकिन कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं है।
5 और 6 जून: आंशिक बादल, साफ मौसम
5 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 6 जून को अधिकतम 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इन दोनों दिनों आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा और किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप कम रहेगा। लगातार बादल छाने, हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को उमस और लू दोनों से राहत मिलने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में मई के अंत में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका था। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में जून के पहले सप्ताह में इस तरह की मौसमी राहत असामान्य नहीं है, लेकिन इसकी अवधि और तीव्रता हर साल बदलती रहती है। 6 जून के बाद का मौसम अभी पूर्वानुमान के दायरे में नहीं है।