दिल्ली पुलिस ने शाहदरा में 23 वर्षीय आदतन चोर को दबोचा, 4 चोरी की बाइक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने 24 अक्टूबर 2026 को एक 23 वर्षीय आदतन वाहन चोर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चार चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए। आरोपी पर शाहदरा, सेंट्रल और साउथ जिलों में दर्जनों चोरी व स्नैचिंग के मामलों में शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रितेश उर्फ पीयूष टिंकू के रूप में हुई है, जो दिल्ली के पहाड़गंज का रहने वाला है। उसे दिलशाद गार्डन-गाजियाबाद डीएलएफ कैरिजवे पर एक पेट्रोल पंप के नजदीक से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के समय उसके पास कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल मिली, जिसे पुलिस वेरिफिकेशन से 18 सितंबर को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के पटेल नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज ई-एफआईआर से जोड़ा गया।
ऑपरेशन की रूपरेखा
शाहदरा जिले में हाल ही में दोपहिया चोरी की घटनाएँ बढ़ने के बाद AATS ने विशेष अभियान शुरू किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, फील्ड पूछताछ की, स्थानीय इंटेलिजेंस विकसित की और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात कर संदिग्धों पर नजर रखी। पूछताछ के दौरान रितेश ने अन्य चोरी के मामलों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके आधार पर तीन और बाइक बरामद की गईं।
बरामद वाहन और जुड़े मामले
बरामद चार वाहनों में एक सफेद स्कूटर, एक काली मोटरसाइकिल, एक नीला स्कूटर और एक अन्य मोटरसाइकिल शामिल हैं। वेरिफिकेशन से इन वाहनों का संबंध साउथ डिस्ट्रिक्ट के हौज खास पुलिस स्टेशन तथा शाहदरा जिले के विवेक विहार और आनंद विहार पुलिस स्टेशनों में दर्ज चोरी के मामलों से निकला। पुलिस ने कहा कि इन बरामदगियों के साथ तीन जिलों में फैले चार मोटर वाहन चोरी के मामले सुलझा लिए गए हैं। सभी मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(B) के तहत दर्ज हैं।
आरोपी की पृष्ठभूमि
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रितेश 9वीं कक्षा का ड्रॉपआउट है और अपने परिवार के साथ रहता है। 2024 से उसे दिल्ली के विभिन्न पुलिस स्टेशनों ने गाड़ी चोरी और स्नैचिंग के मामलों में पकड़ा है। गौरतलब है कि उसे 12 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत से रिहा किया गया था और उसके महज कुछ दिनों बाद ही उसने फिर से बाइक चोरी शुरू कर दी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह स्नैचिंग और वाहन चोरी से जुड़े कुल 17 मामलों में शामिल रह चुका है।
आगे की कार्रवाई
इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के नेटवर्क और संभावित अन्य संलिप्तताओं की भी जाँच की जा रही है। बार-बार रिहाई के बाद भी अपराध दोहराने की इस प्रवृत्ति को देखते हुए न्याय प्रणाली में पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती एक बार फिर सामने आई है।