क्या दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
- गिरफ्तार आरोपी के पास से 10.970 किलोग्राम चरस बरामद हुई है।
- इस कार्रवाई का उद्देश्य दिल्ली को नशा मुक्त बनाना है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली को 2027 तक नशा मुक्त बनाने के प्रयासों के तहत, दक्षिण-पूर्व जिला की दिल्ली पुलिस की विशेष स्टाफ टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक नेपाली नागरिक को 10.970 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस के साथ गिरफ्तार किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक ड्रग सप्लायर को भी पकड़ा है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त के निर्देशों के अनुसार और दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस की कड़ी निगरानी में की गई इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
दिल्ली पुलिस द्वारा रविवार को जारी प्रेस नोट में कहा गया कि दक्षिण-पूर्व जिला स्पेशल स्टाफ को 1 जनवरी को एएसआई अनिल के माध्यम से एक ठोस सूचना मिली थी कि थाना अमर कॉलोनी क्षेत्र में एक नशा तस्कर की लगातार गतिविधियाँ हो रही हैं, जो उच्च गुणवत्ता की चरस की सप्लाई में शामिल है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
इस टीम में इंस्पेक्टर शुभम चौधरी, एसआई मुनेश, एसआई विनोद, एसआई राजवीर, एसआई राजेंद्र, एएसआई अनिल, हेड कांस्टेबल प्रेम, विवेक, दिनेश, प्रवेश, हेड कांस्टेबल संगीता और कांस्टेबल सतवीर, प्रदीप, चोटूराम और मोहित शामिल थे। पूरी टीम ने इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर (इंचार्ज, स्पेशल स्टाफ एसईडी) के नेतृत्व में और एसीपी/ऑपरेशंस हरि सिंह की कड़ी निगरानी में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस टीम ने थाना अमर कॉलोनी क्षेत्र में रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। शाम करीब 6:5010.970 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद की गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान महेश (46) के रूप में हुई, जो नेपाल का निवासी है। आरोपी के खिलाफ थाना अमर कॉलोनी, दक्षिण-पूर्व जिला में मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह जल्दी और अधिक धन कमाने के लालच में इस अवैध नशा तस्करी के धंधे में शामिल हुआ। उसने बताया कि उच्च गुणवत्ता की चरस की सप्लाई में भारी मुनाफा होने के कारण वह कानूनी परिणामों को जानते हुए भी इस अपराध में संलिप्त रहा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल से दिल्ली तक अवैध मादक पदार्थों की खेप लाने और सप्लाई करने में नियमित रूप से शामिल था।