दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद चोरी मामले में दो आरोपी उत्तराखंड से गिरफ्तार, ₹42,670 नकद व गहने बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद थाना क्षेत्र में हुई घर-चोरी की घटना में शामिल दो आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के सोने-चांदी के गहने, ₹42,670 नकद और घर तोड़ने के औजार बरामद किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के विस्तृत विश्लेषण और तकनीकी निगरानी से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
10 अक्टूबर 2026 को वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उनकी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने उनके घर में घुसकर सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस जांच में सामने आया कि दो संदिग्ध एक सफेद स्कूटी पर सवार होकर घटनास्थल पर पहुँचे थे। बाद में पता चला कि यह स्कूटी भी चोरी की थी और उस पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
स्थानीय खुफिया स्रोतों को सक्रिय करने और निरंतर ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक घर तक पहुँची, जहाँ संदिग्धों में से एक की पहचान समीर उर्फ सद्दाम के रूप में हुई।
उत्तराखंड से हुई गिरफ्तारी
जांच से पता चला कि समीर उर्फ सद्दाम 14 अक्टूबर की सुबह दिल्ली से शिवपुरी, ऋषिकेश (उत्तराखंड) के लिए रवाना हो गया था। तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस टीम ने 15 अक्टूबर को शिवपुरी, ऋषिकेश से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी मुजम्मिल उर्फ मोनू (26 वर्ष) के साथ मिलकर यह चोरी की थी। इसी जानकारी के आधार पर उसी दिन दिल्ली के भजनपुरा से मुजम्मिल उर्फ मोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी और खुलासे
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से चोरी के सोने-चांदी के गहने और ₹42,670 नकद बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कुछ दिन पहले हरदेव नगर इलाके के एक घर से भी गहने चुराए थे। आरोपियों की कार्यप्रणाली के अनुसार, वे चोरी की स्कूटी पर कम आवाजाही वाले इलाकों में घूमकर निशाने वाले खाली घरों की पहचान करते थे, फिर चुराए सामान को अपने घरों में छिपाते थे।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। फिलहाल दिल्ली पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है और यह जाँच की जा रही है कि क्या आरोपी अन्य चोरियों में भी शामिल रहे हैं। यह मामला पुलिस की तकनीक-आधारित जांच पद्धति की प्रभावशीलता को दर्शाता है।