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दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद चोरी मामले में दो आरोपी उत्तराखंड से गिरफ्तार, ₹42,670 नकद व गहने बरामद

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दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद चोरी मामले में दो आरोपी उत्तराखंड से गिरफ्तार, ₹42,670 नकद व गहने बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी निगरानी के बल पर वजीराबाद चोरी के दोनों आरोपियों को उत्तराखंड तक ट्रैक किया। फर्जी नंबर प्लेट और भागने की योजना के बावजूद समीर उर्फ सद्दाम और मुजम्मिल उर्फ मोनू गिरफ्त में आए; ₹42,670 नकद और गहने बरामद।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद चोरी मामले में समीर उर्फ सद्दाम और मुजम्मिल उर्फ मोनू (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता संजीव भौमिक ने 10 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज कराई थी।
आरोपी समीर को 15 अक्टूबर को शिवपुरी, ऋषिकेश (उत्तराखंड) से और मुजम्मिल को उसी दिन दिल्ली के भजनपुरा से गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी में चोरी के सोने-चांदी के गहने , ₹42,670 नकद और घर तोड़ने के औजार शामिल हैं।
आरोपियों ने हरदेव नगर में भी एक अन्य चोरी की बात कबूल की; पहचान छिपाने के लिए स्कूटी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी।

दिल्ली पुलिस ने वजीराबाद थाना क्षेत्र में हुई घर-चोरी की घटना में शामिल दो आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के सोने-चांदी के गहने, ₹42,670 नकद और घर तोड़ने के औजार बरामद किए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के विस्तृत विश्लेषण और तकनीकी निगरानी से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

10 अक्टूबर 2026 को वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उनकी शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने उनके घर में घुसकर सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग

पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस जांच में सामने आया कि दो संदिग्ध एक सफेद स्कूटी पर सवार होकर घटनास्थल पर पहुँचे थे। बाद में पता चला कि यह स्कूटी भी चोरी की थी और उस पर असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

स्थानीय खुफिया स्रोतों को सक्रिय करने और निरंतर ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम दिल्ली के भजनपुरा स्थित एक घर तक पहुँची, जहाँ संदिग्धों में से एक की पहचान समीर उर्फ सद्दाम के रूप में हुई।

उत्तराखंड से हुई गिरफ्तारी

जांच से पता चला कि समीर उर्फ सद्दाम 14 अक्टूबर की सुबह दिल्ली से शिवपुरी, ऋषिकेश (उत्तराखंड) के लिए रवाना हो गया था। तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस टीम ने 15 अक्टूबर को शिवपुरी, ऋषिकेश से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी मुजम्मिल उर्फ मोनू (26 वर्ष) के साथ मिलकर यह चोरी की थी। इसी जानकारी के आधार पर उसी दिन दिल्ली के भजनपुरा से मुजम्मिल उर्फ मोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामदगी और खुलासे

दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से चोरी के सोने-चांदी के गहने और ₹42,670 नकद बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कुछ दिन पहले हरदेव नगर इलाके के एक घर से भी गहने चुराए थे। आरोपियों की कार्यप्रणाली के अनुसार, वे चोरी की स्कूटी पर कम आवाजाही वाले इलाकों में घूमकर निशाने वाले खाली घरों की पहचान करते थे, फिर चुराए सामान को अपने घरों में छिपाते थे।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। फिलहाल दिल्ली पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है और यह जाँच की जा रही है कि क्या आरोपी अन्य चोरियों में भी शामिल रहे हैं। यह मामला पुलिस की तकनीक-आधारित जांच पद्धति की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक बड़े सवाल को भी उठाता है — शहर में घर-चोरी की घटनाएँ लगातार क्यों हो रही हैं? आरोपियों का चोरी की स्कूटी, फर्जी नंबर प्लेट और दूसरे शहर में पनाह लेने का तरीका एक सुनियोजित आपराधिक तंत्र की ओर इशारा करता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, परंतु हरदेव नगर की दूसरी चोरी की स्वीकारोक्ति यह भी बताती है कि अपराध एकाकी नहीं था — और यह जाँचना ज़रूरी है कि इस जोड़े से जुड़ी कितनी और वारदातें अनसुलझी पड़ी हैं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वजीराबाद चोरी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों — समीर उर्फ सद्दाम और मुजम्मिल उर्फ मोनू (26 वर्ष) — को गिरफ्तार किया है। समीर को 15 अक्टूबर को उत्तराखंड के शिवपुरी, ऋषिकेश से और मुजम्मिल को उसी दिन दिल्ली के भजनपुरा से पकड़ा गया।
इस चोरी मामले में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर उनके घरों से चोरी के सोने-चांदी के गहने, ₹42,670 नकद और घर तोड़ने के औजार बरामद किए। आरोपियों के पास से चोरी की स्कूटी भी मिली, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों का पता कैसे लगाया?
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। इसके बाद स्थानीय खुफिया स्रोतों और तकनीकी निगरानी की मदद से उन्हें उत्तराखंड तक ट्रैक किया गया।
इस मामले में एफआईआर कब और किसने दर्ज कराई?
वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक ने 10 अक्टूबर 2026 को थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि अज्ञात लोगों ने उनके घर से सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली।
क्या आरोपियों ने अन्य चोरियाँ भी की थीं?
हाँ, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने हरदेव नगर इलाके के एक घर से भी गहने चुराए थे। दिल्ली पुलिस इस संबंध में आगे की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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